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गुरुवार, 30 अगस्त, 2007 को 13:34 GMT तक के समाचार

समीर आत्मज
दिल्ली से

छात्राओं की 'अश्लील फ़िल्म' पर हंगामा

पुरानी दिल्ली के सर्वोदय विद्यालय में कुछ छात्राओं की कथित अश्लील फ़िल्म बनाने को लेकर स्थानीय नागरिकों और अभिभावकों ने जमकर हंगामा किया.

गुस्साए लोगों ने बेहद व्यस्त आसिफ़ अली मार्ग को जाम कर दिया और प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाजी की.

भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को कई बार लाठीचार्ज करना पड़ा और आँसूगैस के गोले दागने पड़े.

दरअसल, एक निजी हिंदी टेलीविजन चैनल ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए दिखाया था कि किस तरह एक शिक्षिका कथित रूप से छात्राओं को आपत्तिजनक तस्वीरें उतारवाने के लिए मजबूर करती है.

आरोप

आरोप है कि इस स्कूल की एक शिक्षिका ने कुछ छात्राओं को प्रलोभन देकर उनकी अश्लील फ़िल्में बनाईं और छात्राओं को धमकी दी कि वे इस बारे में किसी को न बताएँ.

दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने बताया कि शिक्षिका के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है.

उनका कहना था, "हम स्टिंग ऑपरेशन से संबंधित कैसेट मँगवा रहे हैं. फिर जो क़ानूनी कार्रवाई की जा सकती है, की जाएगी."

गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स एसोसिएशन के सचिव फ़रीद अहमद ने बताया कि यह शिक्षिका तीन माह पहले ही तबादले पर इस स्कूल में आईं हैं.

उन्होंने कहा कि इस शिक्षिका पर पहले भी ऐसे आरोप लगे हैं.

अहमद ने कहा, “ये शिक्षिका तीन महीने पहले ही विवेक बिहार से तबादला होकर यहाँ आई हैं. वहाँ भी उनके ख़िलाफ़ ऐसी ही शिकायतें थी.”

अहमद ने आरोप लगाया कि सरकार ने पूर्व में मिली शिकायतों के बावजूद शिक्षिका को निलंबित करने के बजाए उनका तबादला इस स्कूल में कर दिया और शिक्षिका ने यहाँ भी अपनी पिछली हरकतें जारी रखीं.

उन्होंने कहा, “कुछ बच्चों ने अपने माँ-बाप से शिकायत की कि शिक्षिका ने उनसे कहा कि वे मेक-अप कर आएँ और उन्हें अच्छी आमदनी होगी.”

अभिभावकों ने शिक्षिका को बर्ख़ास्त करने की माँग की है.

अभिभावकों का आरोप था कि इस काम में स्कूल की और भी शिक्षिकाएँ शामिल हैं.

इस स्कूल में पढ़ रही एक छात्रा के अभिभावक मक़सूद करीम कहते हैं, “उस्ताद के लिए स्टूडेंट बच्ची के बराबर होती है. यहाँ जो स्कूल के अंदर ऐसी गंदी हरकतें हो रही हैं और इन्हें दूसरी टीचरों का समर्थन भी मिल रहा है, ये बहुत गलत बात है.”