गुरुवार, 30 अगस्त, 2007 को 12:35 GMT तक के समाचार
भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर वाम दलों की आपत्तियों पर विचार के लिए सरकार ने एक समिति गठित करने का फ़ैसला किया है.
समिति की सिफ़ारिशें आने से पहले समझौते का क्रियान्वयन नहीं होगा.
विदेशमंत्री प्रणव मुखर्जी ने वामपंथी दलों और यूपीए के नेताओं के बीच बैठक के बाद कहा कि अमरीकी हाइड एक्ट के भारत के साथ समझौते पर पड़ने वाले प्रभावों और द्विपक्षीय संबंधों का आकलन करने के लिए एक समिति का गठन किया जा रहा है.
इसमें कांग्रेस और वामपंथी दलों के नेता शामिल होंगे.
वामपंथी नेता देवव्रत विश्वास ने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि समिती के निष्कर्ष आने तक वो अमरीका के साथ परमाणु समझौते को लागू करने की दिशा में कोई क़दम नहीं उठाएगी.
इस मुद्दे पर कांग्रेस और वाम दलों के नेताओं के बीच गुरुवार को हुई बैठक के बाद विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने एक बयान पढ़ते हुए कहा, "समिति की अनुशंसाओं को ध्यान में रखते हुए ही समझौते का क्रियान्वयन किया जाएगा."
पिछले तीन हफ़्ते से परमाणु समझौते के मुद्दे पर कांग्रेस और वाम दल आमने-सामने थे.
बैठक के बाद एक निजी टीवी चैनल से बातचीत में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश कारत ने कहा, " मैं इस प्रस्तावित व्यवस्था से खुश हूं."
इस बैठक में दोनों पक्षों ने समिति गठित करने का फ़ैसला किया लेकिन इसमें कौन-कौन शामिल होंगे इसके बारे में बाद में फ़ैसला किया जाएगा.
उल्लेखनीय है कि जब से भारत और अमरीका के बीच परमाणु करार से संबंधित 1-2-3 समझौते की घोषणा हुई है, वाम दलों ने कड़ा विरोध करना शुरु कर दिया है.
वामदलों के तेवर तब तल्ख़ हो गए जब प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर वामपंथी दल चाहें तो समर्थन वापस ले सकते हैं.
इसके बाद वाम दलों ने चेतावनी दी कि अगर संधि के मुद्दे पर उनके विरोध को सुना नहीं गया तो सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे.