अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने दक्षिणी कंधार प्रांत में हुई एक भीषण लड़ाई में 100 से अधिक संदिग्ध अफ़ग़ान विद्रोहियों को मारने का दावा किया है.
लेकिन अभी तक मारे गए इन चरमपंथियों की संख्या की पुष्टि किसी स्वतंत्र सूत्र से नहीं हुई है.
गठबंधन सेना की तरफ़ से जारी एक बयान में कहा गया है कि चरमपंथियों ने शाह वली कोट इलाक़े में अमरीका-अफ़ग़ानिस्तान की संयुक्त सेना पर घात लगाकर हमला किया जिसके बाद लड़ाई शुरू हो गई.
गठबंधन के बयान में यह भी कहा गया है कि सैनिकों पर कई तरफ़ से मशीन-गन, ग्रेनेड और मोर्टार हमले हुए.
इस हमले में एक अफ़ग़ान सैनिक मारा गया और गठबंधन और अफग़ान सेना के तीन सैनिक घायल हो गए.
जवाबी कार्रवाई में हवाई जहाज़ों ने विद्रोहियों के ठिकानों पर बमबारी की.
हमले
इससे पहले, पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में हुए एक आत्मघाती हमले में तीन अमरीकी सैनिक मारे गए.
समाचार एजेंसी ऐसोसिएटेड प्रेस ने एक अमरीकी अधिकारी के हवाले से बताया कि ये सैनिक एक पुल निर्माण में मदद कर रहे थे.
अमरीकी नेतृत्व वाले गठबंधन का यह भी कहना है कि रविवार को पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान के कुनार प्रांत में गठबंधन के तीन और दो अफ़ग़ान सैनिक मारे गए और गठबंधन सेना के 10 सैनिक घायल भी हुए.
दक्षिण अफ़ग़निस्तान में हुई दो अन्य मुठभेड़ों में 22 चरमपंथी मारे गए हैं. लेकिन अभी तक तालेबान की ओर से कोई जवाबी बयान नहीं आया है.
गठबंधन की सेना के बयानों में कहा गया है कि चरमपंथियों ने सभी हमले घात लगाकर किए.
गठबंधन का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांतों कंधार और हेल्मंद में हुए हमलों में अफ़ग़ानिस्तान सरकार की सेना ने गठबंधन सेनाओं की मदद से चरमपंथियों को खदेड़ दिया है.
हेल्मंद में हुई मुठभेड़ में अफ़ग़ान सेना ने गठबंधन सेना से हवाई सहयोग लिया जिससे ठिकानों की पहचान करने में मदद मिली और 12 विद्रोही मारे गए.
अभी तक किसी भी ख़बर की स्वतंत्र सूत्रों से पुष्टि नहीं हो सकी है.
अफ़ग़ानिस्तान में हाल में हमले बढ़े हैं और 2007 में 3000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं.