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बुधवार, 29 अगस्त, 2007 को 11:23 GMT तक के समाचार

मुशर्रफ़ से समझौता लगभग तयः बेनज़ीर

पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ उनका समझौता लगभग तय हो गया है.

बीबीसी से एक विशेष बातचीत में बेनज़ीर भुट्टो ने कहा कि वे चाहती हैं कि इस समझौते की घोषणा राष्ट्रपति की ओर से की जाए, उन्होंने इतना ही कहा, "पाकिस्तान की अवाम को जिसमें ख़ुशी मिलेगी वही फ़ैसला करने को सदर मुशर्रफ़ तैयार हो गए हैं."

उन्होंने कहा कि "पाकिस्तान के लोग चाहते हैं कि देश में लोकतंत्र क़ायम हो, यह क़ायदे आज़म (जिन्ना) का सपना था कि मुल्क में जम्हूरियत हो."

जब उनसे पूछा गया कि क्या जनरल मुशर्रफ़ से समझौता करने पर उन पर आरोप नहीं लगेगा कि उन्होंने एक सैनिक शासक को बचाया है, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "हो सकता है कि कुछ लोग कह रहे होंगे, लेकिन वे यह नहीं बता रहे हैं कि जनरल साहब जाएँगे तो कौन आएगा?"

जनरल मुशर्रफ़ इस वर्ष होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे अगले पाँच वर्षों तक राष्ट्रपति पद पर बने रह सकें, लेकिन उनके विरोधियों का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है.

जनरल मुशर्रफ़ के ऊपर दबाव है कि वे सेनाध्यक्ष का पद छोड़ दें और विपक्षी पार्टियाँ यह माँग दोहरा रही हैं कि उन्हें अगला चुनाव सेनाध्यक्ष होते हुए नहीं लड़ना चाहिए.

माँग

बेनज़ीर भुट्टो का कहना है कि जनरल मुशर्रफ़ सबसे पहले वादा करें कि वे सेनाध्यक्ष का पद इस वर्ष के अंत तक छोड़ देंगे, जबकि बाक़ी विपक्षी दलों का कहना है कि उन्हें सितंबर-अक्तूबर में होने वाले चुनाव से पहले पद छोड़ देना चाहिए.

बेनज़ीर भुट्टो चाहती हैं कि भविष्य में उनके प्रधानमंत्री बनने पर लगी रोक भी हटा ली जाए.

अब तक जनरल मुशर्रफ़ कहते रहे हैं कि वे इस मामले पर संविधान के अनुरूप निर्णय लेंगे, कुछ लोगों का कहना है कि इसका मतलब ये है कि वे इस वर्ष के अंत तक वर्दी उतार देंगे.

बेनज़ीर भुट्टो का कहना है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ इसकी सार्वजनिक घोषणा करें.

दूसरा दावेदार

पाकिस्तान की राजनीति पर नज़र रखने वालों का कहना है कि बेनज़ीर भुट्टो सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले के बाद अधिक बेचैन हो गई हैं जिसमें एक अन्य पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ की देश वापसी को मंज़ूरी दी गई है.

पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के अध्यक्ष गुरुवार को फ़ैसला करेंगे कि वे स्वदेश कब लौट रहे हैं, वे पिछले आठ वर्षों से निर्वासन में रह रहे हैं.

नवाज़ शरीफ़ राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के प्रबल विरोधी रहे हैं और वे बेनज़ीर भुट्टो पर सैनिक शासक से हाथ मिलाने का आरोप लगाकर उनकी कड़ी निंदा करते रहे हैं.

जब बेनज़ीर भुट्टो से पूछा गया कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से उनके समझौते का क्या यह अर्थ नहीं है कि नवाज़ शरीफ़ के साथ बनाया गया गठबंधन अब टूट गया है, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "हमारे दरवाज़े हमेशा खुले हुए हैं."

मुशर्रफ़ के पास मौजूदा संसद में पर्याप्त बहुमत है कि वे दोबारा राष्ट्रपति चुने जा सकें लेकिन इस बात के आसार हैं कि सुप्रीम कोर्ट नई संसद के चुनाव के बाद उसी आधार पर राष्ट्रपति चुनाव का आदेश दे.