बुधवार, 29 अगस्त, 2007 को 05:25 GMT तक के समाचार
रामदत्त त्रिपाठी
बीबीसी के उत्तर प्रदेश संवाददाता
आगरा में बुधवार तड़के चार लोगों के ट्रक से कुचले जाने के बाद शहर में कई जगह हिंसक घटनाएँ हुई हैं. स्थिति तनावपूर्ण है और छह थाना क्षेत्रों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है.
प्रशासन का कहना है कि इस पूरी घटना की जांच हो रही है.
हिंसक भीड़ ने क़रीब 30 वाहनों को जला दिया हैं जिसमें ट्रक और फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी हैं.
गृह सचिव जेएन चैंबर के अनुसार दुर्घटना के बाद हुई हिंसा में अनवर नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई है. दो अन्य लोग घायल हैं.
घायल हुए लोगों का कहना है कि वे पुलिस फायरिंग में घायल हुए हैं. पुलिस के अनुसार हिंसा में पचास से साठ पुलिसकर्मी भी घायल हैं.
महत्वपूर्ण है कि ताज महल भी उसी इलाक़े में है जहाँ हिंसा भड़की है और प्रशासन ने ताज महल परिसर में आने-जाने पर रोक लगा दी है.
पर्यटकों को भी हिदायत दी गई है कि वे अपने होटलों में ही रहें और बाहर शहर में जाने की कोशिश न करें.
शबे बारात के बाद हुई घटना
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को मुसलमानों का त्योहार शबे बारात था जिसके दौरान बड़ी संख्या में लोग रात तक घरों से बाहर रहते है.
इसी दौरान तड़के एक ट्रक ने चार लोगों को कुचल दिया.
दुर्घटना के बाद लोगों ने हाईवे पर खड़े 14 ट्रक जला दिए जिसके बाद हिंसा आसपास के इलाक़े में फैल गई. स्थानीय लोगों का मानना है कि पूरा मामला सांप्रदायिक रंग पकड़ रहा है.
घटनास्थल पर फ़ायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची और कुछ गाड़ियाँ हिंसा की चपेट में आ गईं.
फ़िलहाल वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं.
गृह सचिव जेएन चैंबर का कहना है कि शबे बारात को देखते हुए यातायात नियंत्रित किया गया था लेकिन इसके बावजूद ट्रक उस रास्ते पर कैसे पहुंचे इसकी जांच हो रही है.
चैंबर ने बताया कि मृतकों के परिवारजनों को एक-एक लाख रुपए का मुआवज़ा देने की घोषणा की गई है.
'लोगों में भीषण गुस्सा'
इससे पहले ज़िलाधीश मुकेश मेश्राम ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है. कुचल कर मरने वाले चारों लोग एक ही परिवार के थे और शबे बारात में शिरकत कर रहे थे.
दुर्घटना के बाद नाराज़ लोगों ने दिल्ली-आगरा राजमार्ग पर अवरोध लगाए.
लोगों के गुस्से का आलम ये था कि जब पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे तो उनके साथ भी मार-पीट की गई और एक अधिकारी घायल हो गया.
ज़िलाधीश मुकेश मेश्राम ने बताया है कि आसपास के ज़िलों से पुलिस बल मंगाया जा रहा है और 'रैपिड एक्शन फ़ोर्स' भी तैनात की जा रही है.
आगरा ज़िले के डिवीजनल कमिश्नर सीता राम मीणा के अनुसार सांप्रदायिक हिंसा भड़काने की कोशिशों को नाकाम कर दिया जाएगा.