मंगलवार, 28 अगस्त, 2007 को 23:26 GMT तक के समाचार
चिंकारा शिकार मामले में जोधपुर जेल में बंद अभिनेता सलमान खा़न की ज़मानत याचिका पर राजस्थान हाई कोर्ट में बुधवार को सुनवाई होनी थी लेकिन न्यायाधीश ने इससे इनकार कर दिया.
उनका कहना था कि वह एक बार इसी मामले में पशुपालन विभाग की ओर से पैरवी कर चुके हैं इसलिए उनका इस सुनवाई में शामिल होना उचित नहीं होगा.
समझा जा रहा है कि अब बृहस्पतिवार को कोई अन्य न्यायाधीश इस मामले की सुनवाई करेंगे.
इसके साथ ही तय हो जाएगा कि सलमान को कुछ और दिन जेल में बिताने पड़ेंगे या नहीं.
निचली अदालत ने सलमान को पांच साल की सज़ा सुनाई थी जिसे सत्र न्यायालय ने बरक़रार रखा था.
सलमान के वकील हस्तीमल सारस्वत ने 25 अगस्त को जिला एवं सत्र न्यायालय के फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट में ज़मानत और पुनर्निरीक्षण याचिकाएं पेश की थीं.
अदालत ने इन पर सुनवाई के लिए 29 अगस्त का दिन निर्धारित किया था.
जिला एवं सत्र न्यायालय ने सलमान को पांच साल की क़ैद और 25 हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा के ख़िलाफ़ दायर अपील 24 अगस्त को खारिज कर दी थी.
उसके बाद सलमान ख़ान को जोधपुर हवाई अड्डे पर गिरफ़्तार कर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया था.
इसके बाद से जोधपुर की केंद्रीय कारागार की बैरक नंबर डेढ़ उनका नया ठिकाना है और पहचान है क़ैदी संख्या 343.
यूँ तो जेल की बैरक संख्या एक ही सलमान का नया पता है. लेकिन जेल में कर्मचारी इसे बैरक नंबर डेढ़ कहते हैं क्योंकि इस बैरक में दूसरी बैरकों के मुक़ाबले कुछ अधिक जगह है.
पिछली बार सलमान ख़ान इसी बैरक में तीन दिन गुज़ार चुके हैं.
ग़ौरतलब है कि सलमान ख़ान 1998 में 'हम साथ-साथ हैं' फ़िल्म की शूटिंग के दौरान दुर्लभ प्रजाति के हिरण चिंकारा का शिकार करने के दोषी पाए गए थे.