मंगलवार, 28 अगस्त, 2007 को 06:46 GMT तक के समाचार
हैदराबाद में हाल में हुए बम धमाकों के संबंध में स्थानीय पुलिस कुछ लोगों से पूछताछ कर रही है. लेकिन आधिकारिक तौर पर हैदराबाद पुलिस इस बारे में कुछ कहने को तैयार नहीं है.
इन धमाकों में 43 लोग मारे गए थे और साठ लोग घायल हो गए थे.
बीबीसी संवाददाता उमर फ़ारूक़ का कहना है कि पुलिस कुछ लोगों से पूछताछ ज़रूर कर रही है
और एक घायल व्यक्ति असम निवासी अहमद अब्दुल्ला को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है.
लेकिन इस बारे में पुलिस बहुत खुलकर कुछ कह नहीं रही है. ये स्पष्ट नहीं है कि कुल कितने लोगों से पूछताछ हो रही है.
उमर फ़ारूक़ का कहना है कि धमाकों की जाँच में गुप्तचर एजेंसी आईबी, केंद्रीय जाँच ब्यूरो और कुछ अन्य संस्थाएँ स्थानीय पुलिस के साथ सहयोग कर रही हैं.
समाचार एजेंसियों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री मधुकर गुप्ता ने कहा है, "धमाकों की जाँच अभी प्रारंभिक स्तर पर है. फ़िलहाल जो जानकारी उपलब्ध है, उसके मुताबिक कुछ संभावनाओं पर काम हो रहा है."
आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री को रोशय्या ने कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय के विशेष सचिव एमएल कुमावत इस पूरे मामले की छानबीन की निगरानी कर रहे हैं क्योंकि इसमें केंद्रीय और राज्य दोनों की जाँच एजेंसियाँ शामिल है.
पाकिस्तान ने की निंदा
उधर पाकिस्तान ने हैदराबाद में हुए हमलों की निंदा की है. पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम इन धमाकों को 'आतंकवादी हमले' बताते हुए कहा है कि 'पाकिस्तान भी आतंकवाद को झेल रहा है और इसके ख़िलाफ़ लड़ाई के बारे में प्रतिबद्ध है.'
सोमवार को आंध्र प्रदेश के पुलिस आयुक्त बलविंदर सिंह ने कहा था कि धमाकों में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक पदार्थों की पहचान कर ली गई है और इससे धमाकों के लिए ज़िम्मेदार लोगों तक पहुँचा जा सकेगा.
बलविंदर सिंह ने कहा, "जाँच चल रही है, रासायनिक जाँच हो चुकी है. पता चला है कि अमोनियम नाइट्रेट है और टाइमर घड़ी का इस्तेमाल हुआ है."
जानकार पुलिस सूत्रों का कहना है कि ये पदार्थ नागपुर की एक कंपनी में बना था और उसके मालिक़ से पूछताछ की जा रही है.
इसके अलावा नलगोंड़ा ज़िले में भी कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है.
बंद का मिलाजुला असर
उधर धमाकों के बाद विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आंध्र प्रदेश बंद का आहवान किया था जिसका मिलाजुला असर देखा गया.
बंद के कारण हैदराबाद में आम जीवन प्रभावित हुआ. आम लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखकर हैदराबाद धमाकों के ख़िलाफ़ अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की.
धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए घटनास्थल पर जाकर लोगों ने फूल चढ़ाए. हैदराबाद धमाकों में मारे गए लोगों की याद में एक सभा भी आयोजित हुई जिसमें आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी हिस्सा लिया.