सोमवार, 27 अगस्त, 2007 को 05:47 GMT तक के समाचार
एलस्टियर लीथेड
बीबीसी संवाददाता, काबुल से
अफ़ग़ानिस्तान में एक बार फिर अफ़ीम का रिकॉर्डतोड़ उत्पादन हुआ है. हालाँकि अभी इसकी आधिकारिक घोषणा होनी बाकी है.
माना जा रहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में सबसे अधिक अफ़ीम का उत्पादन हेलमंद प्रांत में हुआ है. हेलमंद ब्रितानी सैनिकों का प्रमुख ठिकाना है.
मादक पदार्थों और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र कार्यालय सोमवार को अफ़ीम सर्वे पर सालाना रिपोर्ट प्रकाशित करेगा.
संभावना है कि इसमें अफ़ीम उत्पादन में ज़बरदस्त वृद्धि का खुलासा होगा. नशीला पदार्थ हेरोइन अफ़ीम से ही तैयार होता है.
निराशाजनक तस्वीर
हिंसाग्रस्त अफ़ग़ानिस्तान में नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ अभियान के लिए करोड़ों रुपयों की सहायता राशि जारी की गई है.
संयुक्त राष्ट्र की इस रिपोर्ट में इस समस्या से निपटने में ब्रितानी सरकार के प्रयासों की निराशाजनक तस्वीर सामने आ सकती है.
संयुक्त राष्ट्र ने पूर्व में चिंता जताई थी कि अफ़ग़ानिस्तान में तीस हज़ार से अधिक अंतरराष्ट्रीय सैनिकों की उपस्थिति के बावजूद वहाँ अफ़ीम का उत्पादन नाटकीय रुप से बढ़ा है.
नशीले पदार्थ निरोधी विभाग के मंत्री जनरल ख़ोदाइदाद ने कहा, "दुर्भाग्य से हम असफल रहे हैं. सुरक्षा के मोर्चे पर और नशीले पदार्थों के मुद्दे पर भी. हेलमंद में हम अच्छा काम नहीं कर पाए."
उन्होंने कहा, "इस साल हमें अपनी रणनीति बदलनी होगी. हेलमंद में अफ़ीम की खेती को हतोत्साहित करने और सुरक्षा मज़बूत करने के लिए बदलाव ज़रूरी है."
हालाँकि उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान के कुछ क्षेत्रों में अफ़ीम उत्पादन में कमी दर्ज हो सकती है, लेकिन कुल उत्पादन का आँकड़े में बढ़ोत्तरी तय मानी जा रही है.
हेलमंद की खेती
पूर्व में प्रकाशित संयुक्त राष्ट्र के दस्तावेज़ बताते हैं कि 1980 के दशक में जहाँ अफ़ग़ानिस्तान दुनिया का 30 प्रतिशत अफ़ीम का उत्पादन करता था, वहीं अब यह उत्पादन तीन गुना बढ़ चुका है.
अकेले हेलमंद प्रांत में दुनिया का आधा अवैध अफ़ीम उत्पादित होता है.
हेलमंद प्रांत में लगभग 70 हज़ार हेक्टेयर में अफ़ीम की खेती होती है. खेती का यह क्षेत्र बर्मा के खेती के कुल क्षेत्र का तीन गुना है."
बर्मा दुनिया का दूसरे नंबर का अफ़ीम उत्पादक देश है लेकिन अफ़गानिस्तान का एक प्रांत ही उससे तीन गुना ज़्यादा उत्पादन कर रहा है.