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शुक्रवार, 24 अगस्त, 2007 को 13:37 GMT तक के समाचार

'दोस्ताना ग़लती' में तीन सैनिकों की मौत

अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी विमानों ने ब्रितानी सैनिकों के एक ठिकाने पर बम गिराए हैं जिसमें कम से कम तीन ब्रितानी सैनिकों की मौत हो गई और दो घायल हो गए.

यह घठना हेलमंद प्रांत में उस समय हुई जब अमरीका का लड़ाकू विमान तालेबान के ख़िलाफ़ लड़ाई में ब्रितानी सैनिकों की मदद कर रहा था.

काबुल स्थित बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लीथहैड का कहना है कि मारे गए ब्रितानी सैनिक रॉयल एंगलियन रेजीमेंट से थे.

ब्रितानी सेना ने इस घटना को बहुत दुखद बताया है. विवरण के अनुसार ब्रितानी सैनिक हेलमंद प्रांत में कजाकी के नज़दीक गश्त पर थे.

गुरूवार को शाम क़रीब साढ़े छह बजे तालेबान ने हमला किया जिसके बाद लड़ाई भड़क उठी.

ज़मीन पर लड़ रहे ब्रितानी सैनिकों की मदद के लिए अमरीका के दो एफ़-15 लड़ाकू विमानों को बुलाया गया लेकिन उनमें से एक विमान से गिराया गया बम ग़लत निशाने पर जा लगा.

इस ग़लत निशाने में तीन ब्रितानी सैनिक मारे गए और दो अन्य घायल हो गए.

ग़लती कहाँ हुई, यह जानने के लिए जाँच शुरू कर दी गई क्योंकि सहयोगी सैनिकों पर बम गिरने से सैनिकों की जान जाना भी एक गंभीर मामला है.

इससे पहले भी अफ़ग़ानिस्तान में एक ऐसी घटना हो चुकी है जिसमें ब्रिटेन के एक सैन्यकर्मी इसी तरह की 'दोस्ताना ग़लती' में मारा गया था.

हेलमंद प्रांत की टास्क फ़ोर्स के एक प्रवक्ता का कहना है कि अक्सर मौक़ों पर आसमान से मिलने वाली सहायता की बदौलत अनेक सैनिकों की जान बचाई भी जा चुकी है.

अक्तूबह 2001 में अफ़ग़ानिस्तान पर विदेशी हमले के बाद से अब तक वहाँ 73 ब्रितानी सैनिकों की जान जा चुकी है.