गुरुवार, 23 अगस्त, 2007 को 09:06 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ,
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
राजस्थान उच्च न्यायालय ने फ़िल्म अभिनेता शाहरुख़ ख़ान के ख़िलाफ़ वकीलों को अपमानित करने का मामला निरस्त कर दिया है.
जबकि काले हिरन के शिकार मामले में फंसे सलमान खान के ख़िलाफ जोधपुर सेशन अदालत शुक्रवार को फ़ैसला सुनाएगी.
कोटा के वकीलों ने हिंदी फ़िल्म ' रामजाने' में वकीलों के लिए अपशब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए शाहरुख़ के ख़िलाफ़ आपराधिक मुकदमा किया था.
जिस पर निचली अदालत नें संज्ञान लिया लेकिन अब उच्च न्यायालय ने इस मामले में क़ानूनी कार्रवाई रोक दी है.
शाहरुख़ के वकीलों ने निचली अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने के ख़िलाफ हाई कोर्ट में अपील की थी.
फ़ैसला
शाहरुख़ के लिए कोर्ट के चक्कर शुरु होने से पहले ही ख़त्म हो गए हैं लेकिन अभिनेता सलमान ख़ान के ख़िलाफ शिकार के मामले में जोधपुर सेशन कोर्ट बुधवार को अपना फ़ैसला सुनाने वाली है.
काले हिरन के शिकार के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 16 अप्रैल 2006 को सलमान ख़ान को पांच साल की सज़ा सुनाई थी जिसके ख़िलाफ़ सलमान ने सेशन कोर्ट में अपील की है.
जहाँ अभियोजन पक्ष का कहना है कि सलमान ख़ान ने 1998 में फ़िल्म हम साथ साथ हैं की शूटिंग के दौरान काले हिरन का शिकार किया है.
वहीं सलमान के वकीलों का कहना है कि सलमान निर्दोष हैं और उन्हें फंसाया गया है. सलमान ख़ान को शुक्रवार को जोधपुर सेशन कोर्ट में मौजूद होना हैं जहाँ इस मामले में सज़ा सुनाई जानी है.