गुरुवार, 23 अगस्त, 2007 को 10:25 GMT तक के समाचार
बुधवार को हुई हिंसा के बाद बांग्लादेश की राजधानी ढाका और पाँच अन्य शहरों में स्थिति शांतिपूर्ण है. लेकिन इन शहरों में अभी भी कर्फ़्यू जारी है.
बुधवार को इन शहरों में छात्रों और पुलिस के बीच हिंसक झड़पें हुई थी. राजधानी ढाका में दूकानें बंद हैं और ज़्यादातर दफ़्तरों में भी कामकाज प्रभावित हुआ है. बांग्लादेश की सरकार स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है.
सोमवार को बांग्लादेश के कई इलाक़ों में हिंसा भड़क उठी थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और 30 अन्य घायल हो गए थे. ताज़ा हिंसा ढाका विश्वविद्यालय से फैली.
छात्र देश से आपातकाल हटाने की मांग कर रहे थे. इस साल जनवरी में सेना के समर्थन से चल रही अंतरिम सरकार ने आपातकाल लगा दिया गया था.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि सत्ता संभालने के बाद पहली बार अंतरिम सरकार को इतने बड़े पैमाने पर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है.
स्थिति
बुधवार रात आठ बजे से राजधानी ढाका में कर्फ़्यू लगाया गया था. वहाँ फ़िलहाल स्थिति शांतिपूर्ण है. सड़कों पर सेना गश्त लगा रही है.
बुधवार को ही अंतरिम सरकार के प्रमुख फ़ख़रुद्दीन अहमद ने राष्ट्र को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कुछ मौक़ापरस्त लोग और शक्तियाँ देश में अव्यवस्था फैलाना चाहती हैं.
उन्होंने कहा कि कर्फ़्यू तो अस्थायी तौर पर लगाया गया है. सरकार ने गुरुवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है. ढाका सहित छह शहरों के विश्वविद्यालय और कॉलेज को बंद करने का आदेश दिया गया है और सभी छात्रों को कैम्पस छोड़ने को कहा गया है.
साथ ही टीवी चैनलों को हिंसा की तस्वीरें दिखाने से मना कर दिया गया है. बांग्लादेश से बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि सरकार का विरोध हिंसा का रूप लेता जा रहा है.
राजधानी ढाका में तो विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ दूकानदार, रिक्शाचालक और व्यापारी भी शामिल हो गए.