http://www.bbcchindi.com

बुधवार, 22 अगस्त, 2007 को 07:22 GMT तक के समाचार

राजदूत को लेकर संसद में फिर हंगामा

अमरीका में भारतीय राजदूत रोनेन सेन के कथित बयान को लेकर संसद में फिर भारी हंगामा हुआ और दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.

जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के संसद के संबोधन के बाद जैसे ही दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हुई, इस मुद्दे पर फिर हंगामा हुआ.

लोक सभा और राज्यसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील मोर्चा यानी तीसरे मोर्चे के सदस्यों ने इस पर हंगामा किया.

वे अमरीका में भारतीय राजदूत रोनेन सेन को वापस बुलाने की माँग कर रहे थे. इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित कर दी गई.

ग़ौरतलब है कि सेन ने रिडीफ़ डॉट कॉम को दिए गए एक इंटरव्यू में कथित तौर पर कहा था कि '' इसे (परमाणु समझौता) यहाँ राष्ट्रपति और वहाँ कैबिनेट ने पारित किया, तो फिर सिरकटे मुर्गे (हेडलेस चिकन) की तरह क्या फड़फड़ाना.''

लोक सभा में भाजपा के उपनेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा,'' जिस संवाददाता ने इंटरव्यू लिया है, उसने कहा है कि सब बातें रिकॉर्डड हैं इसलिए हम सेन के ख़िलाफ़ हम कार्रवाई चाहते हैं.''

उन्होंने सदन में मौजूद प्रधानमंत्री से जानना चाहा कि राजदूत के ख़िलाफ़ सरकार ने क्या कार्रवाई की है.

रोनेन सेन की माँफ़ी

हालांकि रोनेन सेन ने भारत-अमरीका परमाणु समझौते पर दिए गए कथित बयान के लिए मंगलवार को ही माफ़ी माँग ली थी.

विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने राजदूत का बचाव करते हुए कहा कि " उनके बयान को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया है लेकिन उन्होंने अपने बयान के लिए माफ़ी माँग ली है."

रोनेन सेन का बयान विदेश मंत्री ने संसद में पढ़कर सुनाया गया, जिसमें उन्होंने कहा था, " मैंने अनौपचारिक बातचीत में अपने विचार प्रकट किए थे और मेरे विचार किसी व्यक्ति या संस्था के बारे में नहीं बल्कि मीडिया के अपने कुछ दोस्तों के बारे थे, फिर भी अगर किसी की भावना को चोट पहुँची है तो मैं माफ़ी माँगता हूँ."

मंगलवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में इस पर भारी हंगामा हुआ था.

पत्रकारों से बातचीत में भाजपा की संसदीय प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने माँग की थी कि रोनेन सेन को तत्काल वापस बुलाया जाए और संसद के समक्ष पेश कर प्रताड़ित किया जाए.