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सोमवार, 20 अगस्त, 2007 को 18:51 GMT तक के समाचार

बिना आरोप के छूटा 'अल क़ायदा संदिग्ध'

पाकिस्तान में अल क़ायदा से संबंध रखने के शक में तीन साल तक हिरासत में रखे गए व्यक्ति को बिना आरोप दर्ज किए छोड़ दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है.

कंप्यूटर विशेषज्ञ मोहम्मद नईम नूर ख़ान पर आरोप था कि वे अल क़ायदा के शीर्ष नेताओं और ऑपरेशन सेल के बीच एक कड़ी का काम कर रहे थे.

उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद पूर्वी अफ़्रीका में अमरीकी दूतावास पर बम हमलों के एक संदिग्ध की गिरफ़्तारी हुई थी. साथ ही ब्रिटेन और अमरीका में आतंकवादी हमलों की साज़िश की सूचना भी मिली थी.

लेकिन तीन साल बाद बिना कोई आरोप दर्ज किए नईम नूर ख़ान को छोड़ दिया गया है. अधिकारियों के मुताबिक़ वे कराची स्थित अपने घर चले गए हैं.

विवरण नहीं

उप अटार्नी जनरल नहीदा महबूब इलाही ने इस बारे में कोई विवरण नहीं दिया. नईम नूर ख़ान के वकील ने इसकी पुष्टि की है कि उनके मुव्क्किल अपने घर चले गए हैं.

उन्होंने बताया कि नईम नूर ख़ान को बिना आरोप दर्ज किए हुए हिरासत में रखा गया और अदालत में भी उनकी पेशी कभी नहीं हुई.

जुलाई 2004 में नईम नूर ख़ान को लाहौर में गिरफ़्तार किया गया था. पाकिस्तानी जाँच अधिकारियों का कहना था कि नईम नूर ख़ान ने ऐसे गुप्त कोड विकसित किए थे जिससे अल क़ायदा चरमपंथी इंटरनेट के माध्यम से एक-दूसरे को कूट शब्दों में ई-मेल करते थे.

नईम नूर ख़ान की गिरफ़्तारी के बाद पुलिस ने कहा था कि उनके कंप्यूटर की जाँच से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय अल क़ायदा नेटवर्क का पता चला था, जो अमरीका, ब्रिटेन और पाकिस्तान में हमलों की योजना बना रहा था.