शनिवार, 18 अगस्त, 2007 को 04:54 GMT तक के समाचार
अमरीका के साथ परमाणु समझौते पर चर्चा के लिए मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) पोलित ब्यूरो की बैठक का शनिवार को दूसरा और अंतिम दिन है.
शनिवार को इस बैठक की समाप्ति के बाद भारतीय समयानुसार शाम साढ़े चार बजे तक पार्टी की ओर से बयान जारी किया जा सकता है जिससे यूपीए सरकार से वामदलों के संबंध में बदलाव भी हो सकते हैं.
हालाँकि सरकार के साथ वामदलों के तनाव में नरमी आने के संकेत मिल रहे हैं और जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति पैदा होने की आशंका कम ही है कि वामपंथी सरकार से समर्थन वापसी की घोषणा करें.
ग़ौरतलब है कि भारत और अमरीका के बीच हो रहे परमाणु समझौते पर यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामदलों ने अपनी आपत्ति जताई थी.
वामदलों का कहना है कि जहाँ एक ओर अमरीका से ऐसा समझौता करना भारत के सामरिक हितों को नुकसान पहुँचाएगा वहीं दूसरी ओर अमरीका जैसे देश से भारत की निकटता का असर देश की विदेश नीति पर भी पड़ेगा.
नरमी के संकेत
शुक्रवार की सुबह शुरू हुई इस बैठक का पहला दिन बेनतीजा रहा. इस बीच माकपा के वरिष्ठ नेता और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने शुक्रवार रात प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात की थी.
माकपा महासचिव प्रकाश कारत ने पोलित ब्यूरो की बैठक शुरू होने से कुछ देर पहले यूपीए सरकार के साथ रिश्तों के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था, "हनीमून ख़त्म हुआ माना जा सकता है लेकिन शादी जारी रह सकती है."
पहले दिन की बैठक से क्या निकलकर सामने आया, इस बारे में माकपा नेताओं की ओर से कोई बयान नहीं दिया गया है.
उधर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी न केवल परमाणु समझौता बल्कि अमरीका के साथ साझा सैनिक अभ्यास जैसे मुद्दों पर भी आपत्ति जताई.
जानकारों का आकलन है कि वामदल एक बार फिर केंद्र सरकार से अपनी इस राय को दोहराएंगे कि अमरीका के साथ हो रहे इस परमाणु समझौते को लागू न किया जाए.
इस स्थिति में गेंद एक बार फिर सरकार के पाले में होगी और संसद में इसपर बहस के दौरान दोनों ही पक्ष अपना सैद्धांतिक तर्क रख सकते हैं.