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शनिवार, 18 अगस्त, 2007 को 20:04 GMT तक के समाचार

बिहार, उत्तराखंड में बाढ़ की स्थिति गंभीर

पिछले कुछ दिनों में हुई भारी बारिश के कारण बिहार के कई ज़िले दोबारा बाढ़ की चपेट में हैं. उधर उत्तराखंड में भी भारी बारिश से तबाही हुई है.

बिहार में गंडक, बूढी गंडक, कमला बलान और अधवारा समूह की नदियाँ एक बार फ़िर उफ़ान पर हैं.

बाढ़ के इस दूसरे दौर में सीतामढ़ी, मुज़फ्फ़रपुर और चंपारण ज़िलों के कई इलाक़े जलमग्न हो चुके हैं.

साथ ही बगहा, मधुबनी और दरभंगा में भी दोबारा बाढ़ का ख़तरा मँडराने लगा है.

बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि भारी बारिश के अलावा नेपाल से आने वाली नदियों में जलस्तर अचानक बढ़ने से स्थिति गंभीर हुई है.

बिहार सरकार के मुताबिक अब तक बाढ़ के कारण 350 लोगों की मौत हो चुकी है. कई जगहों पर बाढ़ जनित बीमारियों का प्रकोप देखने को मिल रहा है.

पहाड़ों में भू-स्खलन

उधर उत्तराखंड में भी भारी बारिश से अचानक आई बाढ़ और भू-स्खलन की घटनाओं में मरने वालों की संख्या बढ़ कर 48 हो गई है.

राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार से विशेष मदद की माँग की है.

राज्य के चमोली, पौरी, पिथौरागढ़, उधमसिंह नगर और हरिद्वार में सबसे अधिक तबाही हुई है.

मुख्यमंत्री भुवनचंद्र खंडूरी का कहना है, "हमने क्षति का आकलन नहीं किया है लेकिन मोटे तौर पर 15 से 20 करोड़ रूपए की हानि हुई है."

अभी देश भर से यात्री केदारनाथ, बद्रीनाथ और गंगोत्री की यात्रा पर आते हैं लेकिन दिल्ली-बद्रीनाथ के बीच का रास्ता अवरूद्ध हो गया है और लगभग साढ़े तीन हज़ार यात्री फँसे हुए हैं.

राज्य सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए अल्मोड़ा और श्रीनगर में दो आपदा प्रबंधन केंद्र बनाए हैं.