शुक्रवार, 17 अगस्त, 2007 को 10:51 GMT तक के समाचार
भारतीय संसद में अमरीका के साथ परमाणु समझौते पर फिर से विचार करने और इस पर सदन में मतदान कराने की विपक्ष की मांग को लेकर जोरदार हंगामा हुआ.
हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी. लोकसभा की कार्यवाही दोपहर बाद जब शुरू हुई, तो कोरम की कमी के कारण इसे सोमवार तक के लिए स्थगित करना पड़ा.
लोकसभा या राज्यसभा में कार्यवाही चलने के लिए कोरम यानी सदस्य संख्या कम से कम 10 फ़ीसदी होनी चाहिए. लेकिन दोपहर बाद इतनी संख्या में भी सांसद मौजूद नहीं थे कि कार्यवाही चल पाती.
लोकसभा को कोरम में कमी के कारण स्थगित करना पड़ा तो राज्यसभा को वहाँ जारी हंगामे के कारण. अब सोमवार को फिर कार्यवाही शुरू होगी.
इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने विपक्ष की मांग को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि किसी अन्य देश के साथ हुए समझौते पर सरकार को निर्देश देने का अधिकार संसद के पास नहीं है.
विपक्ष की मांग है कि सरकार 123 परमाणु समझौते में संशोधन के लिए फिर से विचार करे और इस पर संसद मे नियम 184 के तहत चर्चा कराई जाए.
नियम 184 के तहत सदन में चर्चा के साथ मतदान का भी प्रावधान है.
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि ऐसे किसी समझौते पर नियम 184 के तहत सदन में कभी चर्चा नहीं हुई. उन्होंने इसे सरकार का विशेषाधिकार बताते हुए संसद के अधिकारक्षेत्र से बाहर बताया.
फ़र्नांडीज़ के बयान पर हंगामा
हालांकि संसद में शुक्रवार का दिन परमाणु करार पर चर्चा के लिए निर्धारित नहीं था. संसद में सोमवार को इस पर बहस होने की संभावना है.
इस सब के बीच संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने एनडीए के संयोजक जार्ज़ फ़र्नांडीज़ के प्रधानमंत्री के संबंध में दिए गए बयान की निंदा करते हुए इसे उकसाने वाली हरकत बताया.
जिसके बाद संसद में जोरदार हंगामा शुरू हो गया.
फ़र्नांडीज ने गुरूवार को एक अख़बार को दिये इंटरव्यू में कथित तौर पर कहा था कि अगर चीन के प्रधानमंत्री ने ऐसा कोई समझौता किया होता तो वहाँ की व्यवस्था के तहत प्रधानमंत्री को गोली मार दी जाती.
दासमुंशी ने फ़र्नाडीज़ से इस बयान के लिए माफ़ी मांगने या इसे बयान वापस लेने की मांग की.
इस पर दोनो ओर से शुरू हंगामे और शोर-शराबे को शांत न होता देख लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.