गुरुवार, 16 अगस्त, 2007 को 06:28 GMT तक के समाचार
परमाणु परीक्षण करने पर असैनिक परमाणु समझौता रद्द करने के अमरीकी बयान पर भारतीय संसद के दोनों सदनों में जमकर हंगामा हुआ.
विपक्षी पार्टियों के हंगामे के बीच दोनों सदनों की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई.
इस बीच विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने लोकसभा में स्पष्टीकरण देते हुए कहा, ''संप्रभु राष्ट्र होने के नाते परमाणु परीक्षण भारत का अधिकार है और अमरीका के साथ समझौते में ऐसा कुछ भी नहीं जिससे इस पर रोक लगे.''
गुरुवार को लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसद लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास आ गए और सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाने लगे.
परमाणु समझौते पर विपक्षी दलों के साथ-साथ सरकार को अपने सहयोगी वामपंथी दलों का भी विरोध झेलना पड़ रहा है.
भारी शोरगुल के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक और फिर दिन भर के लिए स्थगित कर दी.
विपक्षी दल अमरीका के ताज़ा बयान पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से स्पष्टीकरण की मांग पर अड़े थे. लोकसभा अध्यक्ष की तमाम अपीलों के बावजूद सदस्यों का हंगामा कम नहीं हुआ.
इस पर कड़ी टिप्पणी करते हुए स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि सांसद देश के बाहर देश की क्या छवि रख रहे हैं. उन्होंने कहा कि सदस्यों के व्यवहार पर उन्हें शर्म आ रही है.
ग़ौरतलब है कि जर्मनी के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भारतीय संसद की कार्यवाही देखने के लिए सदन में ही मौजूद था.
प्रधानमंत्री पर आरोप
उधर राज्यसभा में भी परमाणु समझौते के विरोध में एनडीए, सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वाम दलों और समाजवादी पार्टी के सदस्यों के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही शुरू होने के पाँच मिनट के भीतर ही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
12 बजे सदन की बैठक दोबारा शुरू होते ही समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के सदस्य सभापति के आसन के सामने आकर नारेबाज़ी करने लगे. वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के इस्तीफ़े की माँग कर रहे थे.
उनका कहना था कि प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया था कि परमाणु परीक्षण करने के भारत के अधिकार पर समझौते का कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन अमरीका ने ठीक इसके विपरीत बयान दिया है.
सभापति हामिद अंसारी ने सदस्यों से अपनी जगह पर लौट जाने का आग्रह किया लेकिन नारेबाजी जारी रही.
इस बीच सभापति ने ज़रूरी काग़जात सदन पटल पर रखवाए और हंगामा थमता न देख उन्होंने सदन की बैठक शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी.