गुरुवार, 16 अगस्त, 2007 को 10:17 GMT तक के समाचार
भारत- अमरीका परमाणु संधि पर आ रहे विरोधाभासी बयानों और संसद में हंगामे के बीच विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि भारत को राष्ट्रीय हित में परमाणु परीक्षण करने का पूरा अधिकार है.
विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा ' परमाणु परीक्षण करना भारत का अधिकार है और अगर राष्ट्रीय हित में ज़रुरी हुआ तो परीक्षण किए जाएंगे. परीक्षणों पर पूर्व की सरकारों ने अपनी मर्ज़ी से एकतरफा रोक लगाई है और आगे की सरकारें इसे मानती रही हैं. '
उनका कहना था कि अमरीका के साथ हुए द्विपक्षीय समझौते कहीं भी ऐसी बात नहीं है जिससे आने वाली सरकारों के हाथ बंध जाते हों या उनके विकल्प कम हो जाते हों.
उन्होंने कहा ' अमरीका के साथ हुए समझौते में कहीं भी परमाणु परीक्षणों की बात नहीं है. समझौते की धारा 5 और 14 में प्रावधान है कि भारतीय रिएक्टरों के लिए हमेशा ईंधन उपलब्ध कराया जाता रहेगा, ऐसी स्थिति में भी जब दोनों देशों के बीच परमाणु समझौता रद्द हो जाए. '
अमरीकी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा था कि अगर भारत ने परीक्षण किया तो समझौता रद्द हो सकता है जिसके बाद आज यानी गुरुवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ और सदन की कार्यवाही शुक्रवार तक स्थगित करनी पड़ी.
संसद में हंगामा
गुरुवार को लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसद लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास आ गए और सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाने लगे.
परमाणु समझौते पर विपक्षी दलों के साथ-साथ सरकार को अपने सहयोगी वामपंथी दलों का भी विरोध झेलना पड़ रहा है.
भारी शोरगुल के बीच लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही पहले दोपहर साढ़े ग्यारह बजे तक और फिर दिन भर के लिए स्थगित कर दी.
ग़ौरतलब है कि जर्मनी के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भारतीय संसद की कार्यवाही देखने के लिए सदन में ही मौजूद था.
राज्यसभा में भी विपक्षी सांसदों ने सरकार का विरोध किया विपक्षी सांसदों का कहना था कि प्रधानमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया था कि परमाणु परीक्षण करने के भारत के अधिकार पर समझौते का कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन अमरीका ने ठीक इसके विपरीत बयान दिया है.
सभापति हामिद अंसारी ने सदस्यों से अपनी जगह पर लौट जाने का आग्रह किया लेकिन नारेबाजी जारी रही.
इस बीच सभापति ने ज़रूरी काग़जात सदन पटल पर रखवाए और हंगामा थमता न देख उन्होंने सदन की बैठक शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी.