बुधवार, 15 अगस्त, 2007 को 10:38 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान पुलिस का कहना है कि काबुल के बाहरी इलाक़े में गाड़ियों के एक काफ़िले पर हुए बम धमाके में तीन जर्मन नागरिकों की मौत हो गई है.
जर्मनी के रक्षा विभाग ने मृतकों के सैनिक होने की संभावना से इंकार करते हुए कहा कि वो जर्मनी के दूतावास से जुड़े सुरक्षाकर्मी या संघीय पुलिसकर्मी रहे होंगे.
सूत्रों का कहना है कि यह विस्फोट घुसपैठियों द्वारा इस्तेमाल में लाई जाने वाली विस्फोटक सामग्री से किया गया है.
तालिबान ने अभी हाल में कहा था कि काबुल उनके निशाने पर है और पिछले कई महीनों से काबुल शहर में कई भयंकर हमले हो चुके हैं.
पुलिस बस
गाड़ियों के इस काफ़िले पर हमला काबुल से दक्षिण-पूर्व दिशा में 10 किलोमीटर दूर जलालाबाद मार्ग पर हुआ.
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हेलीकॉप्टरों ने घटना स्थल पर पहुँचकर शवों को उठा लिया है.
काबुल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग के मुखिया अलीशाह पकटीवाल ने ऐसोसिएटेड प्रेस समाचार एजेंसी को बताया, "विस्फोट में तीन लोग मारे गए हैं और एक घायल हुआ है."
नैटो के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सहयोग बल(आईसाफ़) का कहना है कि उसे एक बम हमले की जानकारी थी.
इससे पहले काबुल में एक पुलिस बस पर जून में हुए हमले में 35 लोग मारे गए थे जो तालेबान को 2001 में सत्ता से हटाए जाने के बाद से सबसे भयानक हमला था.
तालेबान ने पिछले महीने वारदक प्रांत में दो जर्मन नागरिकों का अपहरण कर लिया था जिसमें से एक की 21 जुलाई को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
ऐसा माना जाता है कि दूसरा व्यक्ति अभी ज़िंदा है. जर्मनी के क़रीब 3000 सैनिक अफ़ग़ानिस्तान में हैं.