मंगलवार, 14 अगस्त, 2007 को 11:30 GMT तक के समाचार
सशस्त्र बलों और तटरक्षकों के लिए 140 वीरता पुरस्कारों की घोषणा की गई है. इसमें तीन अशोक चक्र शामिल हैं.
आज़ादी की 60वीं वर्षगाँठ पर राष्ट्रपति सैनिकों को वीरता पदकों से सम्मानित करेंगी.
बहादुरी पदकों में तीन अशोक चक्र, छह कीर्ति चक्र, 20 शौर्य चक्र, 99 सेना मेडल, चार नौसेना मेडल और छह वायुसेना मेडल हैं.
पैराशूट रेजीमेंट के कैप्टन हर्षन, जम्मू-कश्मीर लाइट इन्फ़ेंट्री के नायब सूबेदार चुन्नी लाल और माराठा लाइट इन्फ़ेंट्री के कर्नल वसंत को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जाएगा.
अहमियत
अशोक चक्र शांति के समय अदम्य साहस और बहादुरी दिखाने के लिए दिया जाता है. इसे युद्ध के दौरान बहादुरी के लिए दिए जाने वाले सर्वोच्च परमवीर चक्र के बराबर माना जाता है.
राष्ट्रपति ने तटरक्षक बलों को अद्वितीय सेवा के लिए राष्ट्रपति का तटरक्षक पदक, बहादुरी के लिए दो तटरक्षक पदक और प्रशंसनीय कार्य के लिए दो तटरक्षक पदक देंगी.
छह कीर्ति चक्रों में से तीन आम नागरिकों दयानंद पांडे (फ़ैजाबाद), मोहम्मद शान अहमद (झाँसी) और तरुण कुमार दत्त (शिलाँग) को उनके अदम्य साहस के लिए मरणोपरांत प्रदान किया जाएगा.
इसके अलावा कीर्ति चक्र हासिल करने वालों में गोरख़ा रायफ़ल्स के लेफ़्टिनेंट पंकज कुमार, मद्रास रेजीमेंट के नायक सी राधाकृष्णन (मरणोपरांत) और मराठा लाइट इन्फ़ेंट्री के कैप्टन अभिनव हांडा शामिल हैं.
वीरता के लिए सेना मेडल भी दिए गए हैं. 45 असम रायफ़ल्स के डिप्टी कमांडेंट चतर सिंह और गोरख़ा रायफ़ल्स के कैप्टन विनीत वाजपेयी को इन पदकों से सम्मानित किया जाएगा.