रविवार, 12 अगस्त, 2007 को 12:54 GMT तक के समाचार
अल्ताफ़ हुसैन
बीबीसी संवाददाता, श्रीनगर
भारत प्रशासित कश्मीर के अनंतनाग ज़िले में सेना के एक हथियार डिपो में लगी आग अभी बुझ नहीं पाई है.
शनिवार को इस गोदाम में आग लगी थी. इस घटना में पाँच लोग मारे गए हैं और कम से कम 35 लोग घायल हैं. घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है.
अनंतनाग ज़िले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अब्दुल ग़नी मीर ने बताया कि हथियार डिपो में लगी आग पर बहुत हद तक क़ाबू पाया जा चुका है और अब स्थिति पहले जैसी गंभीर नहीं है.
लेकिन उन्होंने स्वीकार किया कि अभी हथियार डिपो के एक हिस्से में आग लगी हुई है. उन्होंने बताया, "पहले डिपो में लगी आग के पूरी तरह बुझने के 12 घंटे बाद ही हम डिपो के अंदर घुसेंगे."
रविवार को भी एक फ़्लाइंग शेल की वजह से डिपो से तीन किलोमीटर दूर स्थित कछवनी गांव की एक महिला की मौत हो गई. अब्दुल ग़नी मीर ने बताया कि डिपो के गोले बारूद की वजह से मरने वालों की संख्या पांच हो गई है.
कारण
सेना की अग्निशमन सेवा में कार्यरत पिंटू सिंह अपने 11 अन्य साथियों के साथ हथियार डिपो की आग बुझाने गए थे लेकिन उनके रिश्तेदार मशहूर सिंह के अनुसार वो लोग अभी वापस नहीं लौटे हैं.
जम्मू और कश्मीर राज्य अग्निशमन सेवा की भी दो गाड़ियाँ भी इस भीषण आग में जल गईं.
राहत शिविर में शरण लिए किसी भी आदमी को अपने गांव जाने और बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा है. लेकिन संजय कुमार नाम के एक व्यक्ति अपने घर की स्थिति देखने गांव गए थे.
उन्होंने बताया, "वापस लौटते समय मैंने देखा कि एक आदमी के सिर पर बम का एक गोला आकर गिरा और वो वहीं पर ढेर हो गया."
हथियार डिपो के पाँच किलोमीटर के दायरे में स्थित नौ गांवों के 27 हज़ार लोगों को वहाँ से हटा दिया गया है. दूसरी ओर रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट एके माथुर ने बताया है कि अभी तक आग के कारणों का पता नहीं चल पाया है.
लेकिन उन्होंने किसी चरमपंथी कार्रवाई से इनकार किया. हालाँकि जमात-उल-मुजाहिदीन ने एक बयान जारी करके कहा है कि उनके रॉकेट हमले के कारण हथियार डिपो में आग लगी.