शनिवार, 11 अगस्त, 2007 को 16:51 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान के एक प्रवक्ता ने कहा है कि उन्होंने बंधक बनाए गए दक्षिण कोरिया के 21 लोगों में से दो महिलाओं को छोड़ दिया है.
हालाँकि अफ़ग़ानिस्तान के अधिकारियों ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है. तीन सप्ताह पहले दक्षिण कोरिया के इन सहायताकर्मियों को अगवा कर लिया गया था.
तालेबान ने कहा है कि ये फ़ैसला सदभावना के तहत किया गया है.
अफ़ग़ानिस्तान के ग़ज़नी प्रांत में तालेबान और दक्षिण कोरियाई अधिकारियों के बीच इन बंधकों को छुड़ाने के लिए बातचीत चल रही है. तालेबान दो बंधकों की हत्या भी कर चुका है.
क्योंकि अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने तालेबान क़ैदियों को छोड़ने की उनकी मांग मानने से इनकार कर दिया था.
तालेबान के प्रवक्ता युसूफ़ अहमदी ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "हमारे नेतृत्व ने दो बीमार महिला बंधकों को बिना शर्त सदभावना के तहत छोड़ने का फ़ैसला किया है."
गंभीर
तालेबान के एक अन्य प्रवक्ता ज़बीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि ये फ़ैसला साबित करता है कि तालेबान बंधकों की रिहाई पर हो रही बातचीत को लेकर कितना गंभीर है.
दूसरी ओर बंधकों की रिहाई को लेकर दूसरे दिन हुई बातचीत में भी कोई नतीजा नहीं निकल पाया. ये बातचीत ग़ज़नी में चल रही है.
तालेबान अपने कई सदस्यों की रिहाई की मांग कर रहा है जो जेल में बंद हैं. लेकिन अफ़ग़ानिस्तान सरकार ने ये मांग मानने से इनकार कर दिया है.
19 जुलाई को दक्षिण कोरिया के 23 लोगों को उस समय अगवा कर लिया गया था जब वे काबुल से कंधार जा रहे थे. बाद में दो बंधकों की हत्या कर दी गई थी.