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शनिवार, 11 अगस्त, 2007 को 21:21 GMT तक के समाचार

मुशर्रफ़ और बेनज़ीर में सहमति

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की प्रमुख बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि वतन वापसी और राष्ट्रपति की वर्दी के मुद्दे पर जनरल मुशर्रफ़ से 'गुप्त सहमति' बनी है.

समाचार एजेंसी रॉयटर्स को न्यूयॉर्क में दिए गए एक ख़ास साक्षात्कार में उन्होंने आशा जताई है कि इस वर्ष अक्टूबर महीने में उनकी वतन वापसी हो सकती है.

बेनज़ीर भुट्टो पिछले कई बरसों से पाकिस्तान से निर्वासित हैं और लगातार वतन वापसी की मंशा ज़ाहिर करती रही हैं.

साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि इस वर्ष अक्टूबर महीने के मध्य तक वो चुनावों के लिए पाकिस्तान लौट सकती हैं. उन्होंने इन चुनावों में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के साथ गठबंधन की संभावना जताई.

हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसा तभी संभव हो सकेगा जब राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की ओर से अगस्त महीने के आखिर तक विश्वास बहाली को लेकर कुछ क़दम उठाए जाएं. बेनज़ीर चाहती हैं कि मुशर्रफ़ उनपर तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने की स्थिति पर लगा प्रतिबंध हटाएं.

बेनज़ीर भुट्टो ने कहा, "मैं जल्द से जल्द पाकिस्तान जाना चाहती हूँ पर अभी भी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ मेरी वतन वापसी को लेकर सहमत नहीं हैं. हालांकि वो मेरी पाकिस्तान वापसी के ख़िलाफ़ नहीं हैं पर हम दोनों के बीच वापसी के समय को लेकर मतभेद है."

बेनज़ीर बोलीं, "अगर मेरे पास अलादीन का चिराग होता तो मैं अक्टूबर में ईद के दौरान ही पाकिस्तान चली जाती."

वर्दी पर ऐतराज़

बेनज़ीर भुट्टो ने बातचीत में बताया कि उनकी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से अपनी वतन वापसी और जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ के नागरिक राष्ट्रपति बनने के मसले पर एक गुप्त सहमति भी हुई है.

बेनज़ीर यह मांग करती रही हैं कि राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ को सैनिक की वर्दी उतारकर एक सैनिक शासक के बजाय एक नागरिक राष्ट्रपति के रूप में सामने आना चाहिए.

जब उनसे पिछले महीने अबू धाबी में उनकी और राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के बीच हुई गोपनीय बैठक के बारे में पूछा गया तो उन्होंने न तो इससे इनकार किया और न ही इसकी पुष्टि की.

हालांकि उन्होंने इतना ज़रूर कहा कि दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ समय से एक सहमति बनाने को लेकर बातचीत हो रही है और इसमें वे सफल भी हुए हैं.

उन्होंने एक बार फिर अपने और अपने पति के ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि अगर पाकिस्तान के लोग मुझे चुनना चाहते हैं तो मैं पाकिस्तान की प्रधानमंत्री के रूप में चुनौती स्वीकारने को तैयार हूँ.