http://www.bbcchindi.com

गुरुवार, 09 अगस्त, 2007 को 11:15 GMT तक के समाचार

बीबीसी संवाददाता, हैदराबाद
उमर फ़ारूक़

लेखिका तस्लीमा नसरीन से हाथापाई

बांग्लादेशी लेखिका तस्लीमा नसरीन के साथ मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एमआईएम) के कार्यकर्ताओं और तीन विधायकों ने हैदराबाद में एक पुस्तक विमोचन समारोह में हाथापाई की.

तीनों विधायकों समेत सभी विरोधियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है.

'लज्जा' समेत कई चर्चित पुस्तकों की लेखिका तस्लीमा लंबे समय से मुस्लिम संगठनों के निशाने पर रही हैं.

हैदराबाद प्रेस क्लब में तस्लीमा नसरीन की नई पुस्तक 'शोध' के तेलुगू अनुवाद के विमोचन कार्यक्रम में कुछ विधायकों के साथ एमआईएम के कुछ कार्यकर्ता घुस गए और लेखिका के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करने लगे. इन लोगों ने अश्लील शब्दों का भी प्रयोग किया.

इन लोगों ने क्लब का फ़र्नीचर तोड़ा, खिड़कियों के शीशे तोड़े और इनके हाथ में जो कुछ भी आया उससे मंच पर बैठे लोगों पर हमला कर दिया.

कुछ मंच तक पहुँच गए और लेखिका से हाथापाई करने लगे तो कार्यक्रम को आयोजित करने वाले उन्हें बचाने के लिए बीच में आ गए.

हालांकि इसमें तस्लीमा नसरीन को तो कोई चोट नहीं लगी लेकिन बीच-बचाव करने वाले कुछ लोग घायल हो गए हैं. इसके अलावा कुछ पत्रकार भी घायल हुए हैं.

विधायक

जिस समय एमआईएम के कार्यकर्ताओं ने हमला किया किताब का विमोचन नहीं हुआ था और तस्लीमा नसरीन का भाषण भी बाक़ी था.

एमआईएम के कार्यकर्ता और विधायक जब हॉल में घुसे तो तस्लीमा नसरीन के ख़िलाफ़ नारेबाजी के दौरान कह रहे थे,'' हमारे मज़हब के ख़िलाफ़ लिखने के बाद कैसे यहाँ आई?''

वहाँ मौजूद मीडिया के लोगों और प्रेस क्लब के सदस्यों ने किसी तरह विरोध कर रहे लोगों को बाहर निकाला.

इसके बाद आयोजक तस्लीमा को सुरक्षित जगह पर लेकर चले गए. बाद में पुलिस ने तस्लीमा को अपनी सुरक्षा में ले लिया.

तीनों विधायकों समेत सभी विरोधियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है और अब तस्लीमा को शहर को भेजने की व्यवस्था कर रही है.

शहर के उप पुलिस आयुक्त एन मधुसूदन रेड्डी ने बताया, ''तीनों विधायकों और क़रीब उनके एक सौ समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है. अब हम प्रेस क्लब और कार्यक्रम के आयोजकों की ओर से शिकायत का इंतजार कर रहे हैं.''

दूसरी ओर एमआईएम के विधायक अहमद पाशा ने विरोध को सही ठहराते हुए कहा, ''पहले हम मुस्लिम हैं और बाद में विधायक हैं. अधिकारियों ने ऐसे किसी व्यक्ति को शहर में कैसे आने दिया जिसने मुसलमानों की भावानओं को आहत किया है.''

इस घटना के विरोध में पत्रकारों ने शहर में विरोध रैली निकाली और एमआईएम के विधायकों के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी भी की.

पत्रकारों ने विधानसभा अध्यक्ष से तीनों विधायकों को विधानसभा से अयोग्य ठहराने की माँग की है.