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गुरुवार, 09 अगस्त, 2007 को 05:53 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, राजस्थान

सवा तीन सौ साल पुराना क़ुरान बरामद

राजस्थान में पुलिस ने अजमेर में सवा तीन सौ साल पुराना क़ुरान बरामद किया है. अरबी भाषा में हस्तलिखित यह क़ुरान धार्मिक और पुरातात्विक महत्व का है.

अजमेर के पुलिस अधीक्षक एस सैंगथीर ने बीबीसी को बताया कि वो इस क़ुरान के बारे में तमाम मालूमात करने की कोशिश कर रहे हैं.

यह पता लगाया जाएगा कि अजमेर के सहायक ज़िला कोषाधिकारी के पास से बरामद ये पवित्र ग्रंथ आखिर उनके पास आया कहाँ से?

पुलिस इस अधिकारी से पूछताछ कर रही है.

महत्व

इस संभावना को भी खंगाला जा रहा है कि कहीं यह क़ुरान भारत के किसी संग्रहालय अथवा अभिलेखागार से तो नहीं चुराया गया है.

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उन्होंने अरबी जानने वाले एक व्यक्ति को जब यह क़ुरान दिखाया तो पता चला कि यह पवित्र ग्रंथ 330 साल पुराना है.

उन्होंने कहा, "हम टोंक स्थित अरबी फ़ारसी शोध संस्थान से संपर्क कर इस क़ुरान की पुरातात्विक प्रामाणिकता जाँचने का प्रयास कर रहे हैं."

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि अगर ये साबित हुआ कि ये क़ुरान कहीं से चुराया गया था तो कोषाधिकारी के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी.

उधर, अजमेर स्थित ख़्वाजा मोइनुद्दीन की दरगाह के नाजिम अहमद रज़ा ने कहा कि ऐसे पवित्र क़ुरान रखने के लिए दरगाह ही सबसे उचित जगह है.

दरगाह कमेटी भारत सरकार का एक संगठन है. दरगाह प्रबंधन इस क़ुराने करीम को यहाँ रखने के लिए विधिवत आवेदन करने पर विचार कर रहा है.

रज़ा ने कहा, "हमारे पास इस पवित्र ग्रंथ को सुरक्षित और संरक्षित रखने के लिए पर्याप्त सुविधाएँ हैं."