बुधवार, 08 अगस्त, 2007 को 22:13 GMT तक के समाचार
ख़बरें हैं कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल मुशर्रफ़ उच्चस्तरीय बैठक कर रहे हैं जिसमें आपातकाल लगाने या नहीं लगाने का फ़ैसला किया जाएगा.
अफ़ग़ानिस्तान में आयोजित जिरगा में नहीं जाने के मुशर्रफ़ के फ़ैसले से यह संभावना जताई जा रही है कि जल्दी ही आपातकाल की घोषणा हो सकती है.
इससे पहले पाकिस्तान के सूचना उपमंत्री तारिक अज़ीम ने कहा था कि देश के उत्तर पश्चिमी इलाक़ों में बिगड़ती परिस्थितियों के मद्देनज़र आपातकाल लगाने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता है.
हालाँकि पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी के अध्यक्ष चौधरी शुजात हुसैन का कहना है कि ऐसी कोई संभावना नहीं है कि जनरल मुशर्रफ़ आपातकाल लागू करेंगे.
संसदीय मामलों के मंत्री शेर अफ़गन नियाज़ी ने भी आपातकाल लगाए जाने की संभावना से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि ये अफवाह मीडिया की फैलाई हुई है.
उल्लेखनीय है कि बुधवार को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने क़ानून एवं व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बैठकें की हैं जिसके बाद इस संबंध में कई अफ़वाहें चल रही हैं कि जल्दी ही देश में आपातकाल की घोषणा की जाने वाली है.
इस संबंध में बीबीसी उर्दू सेवा को दिए एक इंटरव्यू में सूचना उपमंत्री तारिक़ अज़ीम ने कहा कि अफ़गानिस्तान से सटे सीमावर्ती इलाक़ों की ख़राब स्थिति को देखते हुए आपातकाल लगाने की संभावना है.
उनका कहना था, "देखिए संविधान में आपातकाल लगाने का प्रावधान है. आतंक के ख़िलाफ युद्ध में सूबा सरहद मे स्थिति ख़राब है. अगर सरकार को लगा कि आपातकाल लगाने से स्थिति बेहतर हो सकती है तो इमरजेंसी लगाई जा सकती है."
उनका कहना था," देखिए सीमावर्ती इलाक़ों में अभी जैसे हालात हैं,वैसे कभी नहीं रहे हैं. लोग उम्मीद करते हैं कि सरकार इस पर नियंत्रण करने के लिए इमरजेंसी लगाए. इसकी संभावना है. इमरजेंसी एक विकल्प है."
यह पूछे जाने पर कि अगर इमरजेसीं लगाने का फ़ैसला लिया गया तो कब तक औपचारिक घोषणा होगी, तो उनका कहना था," अभी तो इस पर विचार ही हुआ है. स्थिति ख़राब है. कुछ मंत्री पहले भी कह चुके हैं कि आपातकाल लगना चाहिए. मैं इस संभावना से इंकार नहीं करता कि आपातकाल नहीं लगाया जाएगा. इसकी संभावना है क्योंकि हालात बहुत ख़राब हैं. सरकार इस पर विचार कर रही है."
उल्लेखनीय है कि सरहदी सूबे में अमरीका के साथ पाकिस्तान ने अल क़ायदा के ख़िलाफ अभियान छेड़ रखा है लेकिन इन इलाक़ों में पाकिस्तानी और अमरीकी सेना को ज़बर्दस्त विरोध का सामना करना पड़ रहा है और आए दिन आत्मघाती हमले भी हो रहे हैं.
इन ख़बरों पर पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो और क्रिकेटर से नेता बने इमरान खान ने भी प्रतिक्रियाएं दी हैं.
जहां बेनज़ीर ने उम्मीद जताई कि मुशर्रफ़ ऐसा कदम नहीं उठाएंगे वहीं इमरान खान ने कहा कि अगर सरकार ऐसा कुछ करती है तो वो सरकार की कमज़ोरी को ही दर्शाएगा.