बुधवार, 08 अगस्त, 2007 को 19:11 GMT तक के समाचार
भारत के उत्तर पूर्वी राज्य असम में बुधवार की रात चरमपंथियों ने आठ हिंदी भाषी लोगों की हत्या कर दी है.
पुलिस के अनुसार यह घटना राज्य के कारबी आंगलांग ज़िले में हुई है.
पुलिस उपमहानिदेशक एल आर बिश्नोई ने बीबीसी को बताया कि क़रीब 30 हथियारबंद चरमपंथी ज़िले के एक गांव में आए और हिंदी भाषी लोगों को एकसाथ गांव से बाहर ले गए जहां उन्हें गोली मार दी गई.
अधिकारियों को शक है कि इस घटना के पीछे अलगाववादी संगठन यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम यानी उल्फा का हाथ है.
बिश्नोई के अनुसार एक स्थानीय कबीलाई चरमपंथी समूह कारबी लांगपी नार्थ कैचर लिबरेशन फ्रंट केएलएनएलएफ ने इस घटना को अंजाम देने में उल्फा की मदद की है.
पुलिस अधिकारी का कहना था कि पुलिस और सुरक्षा बल घटनास्थल पर पहुंच गए हैं और तलाशी अभियान शुरु कर दिया गया है.
उल्फा 1979 से ही असम को आज़ाद करने के लिए अभियान चला रहा है जबकि केएलएनएलएफ असम में कारबी आंगलांग और कैचर कबीलों के लिए अलग देश की मांग करता है.
माना जा रहा है कि भारत की आज़ादी का दिन यानी 15 अगस्त से पहले अलगाववादियों ने इस तरह के हमले किए हैं.
उल्फा ने पांच अगस्त से ही राज्य में हमले शुरु कर दिए हैं जिसके तहत अभी तक राज्य में छह विस्फोट हो चुके हैं जिसमें तीन लोगों की मौत हुई है और 45 से अधिक लोग घायल हैं.
असम में हिंदी भाषी लोगों को अक्सर निशाना बनाया जाता रहा है और उल्फा जैसे संगठनों का कहना है कि भारत के अन्य राज्यों से आए हिंदी भाषी लोग स्थानीय लोगों के लिए खतरा हैं.