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मंगलवार, 07 अगस्त, 2007 को 08:38 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

सलमान मामले पर फ़ैसला 24 अगस्त को

चिंकारा के शिकार के मामले में फ़िल्म अभिनेता सलमान ख़ान पर जोधपुर की अदालत 24 अगस्त को फ़ैसला सुनाएगी.

सोमवार को सलमान ख़ान के वकीलों ने दलील दी थी कि उन्हें दी गई पाँच साल की सज़ा रद्द कर दी जाए.

बचाव पक्ष के वकीलों का कहना था कि उन्हें इस मामले के इकलौते गवाह हरीश दुलानी से जिरह का मौक़ा नहीं मिला है इसलिए फ़ैसला सुनाने से पहले उन्हें जिरह का अवसर मिलना चाहिए.

सरकारी पक्ष ने बचाव पक्ष की इस दलील का विरोध किया और कहा कि सलमान के वकीलों ने जानबूझकर गवाह से पूछताछ नहीं की.

सलमान के वकील एचएम सारस्वत ने बताया कि अदालत ने कहा कि इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली गई है और अब फ़ैसला 24 अगस्त को सुनाया जाएगा.

जोधपुर की एक अदालत ने 10 अप्रैल, 2006 को सलमान ख़ान को चिंकारा के शिकार का दोषी क़रार देते हुए पाँच साल की जेल और 25 हज़ार रुपए के जुर्माने की सज़ा सुनाई थी.

फ़ैसले के बाद अदालत ने जोधपुर केंद्रीय कारागार भेज दिया गया था जहाँ उन्होंने तीन रातें गुजारीं थीं. ज़मानत मिलने के बाद वो जेल से बाहर आ पाए थे.

सलमान ने निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अपील की है और कहा है कि वो निर्दोष हैं.

शिकार का मामला

चिंकारा के शिकार का मामला 1998 का है. सलमान पर आरोप है कि उन्होंने 1998 में फ़िल्म 'हम साथ साथ हैं' की शूटिंग के दौरान चिंकारा को मारा था.

इस मामले में जोधपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने सलमान ख़ान को वन्य जीव संरक्षण क़ानून के तहत शिकार का दोषी क़रार देते हुए सज़ा सुनाई थी.

वन्य जीवन क़ानून की धारा 51 और 52 के तहत अधिकतम छह साल की सज़ा का प्रावधान है.

इससे पहले काले हिरण के शिकार के लिए एक अन्य मामले में सलमान ख़ान को एक साल की जेल और पाँच हज़ार रुपए जुर्माने की सज़ा सुनाई गई थी.

अदालत ने फ़िलहाल उस सज़ा पर स्थगन आदेश देते हुए कहा है कि सज़ा तब तक स्थगित रखी जाए जब तक अदालत इस मामले में की गई अपील की सुनवाई कर रही है.