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मंगलवार, 07 अगस्त, 2007 को 17:34 GMT तक के समाचार

वामदल परमाणु संधि के विरोध में

अमरीका के साथ हुई परमाणु संधि पर आम सहमति बनाने की केंद्र सरकार की कोशिशों को आज उस समय झटका लगा जब वामपंथी दलों ने इस समझौते का कड़ा विरोध किया और मांग की कि इसे लागू न किया जाए.

विभिन्न वामपंथी दलों की डेढ़ घंटे चली बैठक के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि वाम दल इस समझौते को नहीं मान सकते क्योंकि इसके तहत भारत, अमरीका के सामरिक रणनीति का हिस्सा बनता है.

भाकपा के ए बी बर्धन, डी राजा, आरएसपी के अबनि रॉय और फारवर्ड ब्लॉक के जी देवराजन के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेस में करात ने कहा ' हम सरकार से मांग करते हैं कि वो इस समझौते को लागू न करें. '

उधर भारतीय जनता पार्टी ने पहले ही परमाणु संधि से जुड़े 123 समझौते को ख़ारिज़ कर दिया है और मांग की है कि इसे पारित करने के लिए संसद के समक्ष रखा जाए.

वामपंथी दलों ने इसके साथ ही अमरीका के साथ विभिन्न स्तरों पर बढ़ते संबंधों की भी समीक्षा करने की मांग की है.

हालांकि वाम दलों ने यह साफ नहीं किया कि वो संसद में इस समझौते का कैसे विरोध करेंगे, वो भी ऐसे समय में जब बीजेपी अगले सत्र में इस मुद्दे पर बहस की मांग कर रही है.

इस बारे में पूछे जाने पर करात ने कहा कि उन्होंने अभी विषय पर विचार नहीं किया है कि संसद में वो इस समझौते का कैसे विरोध करेंगे.

इसके अलावा संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील गठबंधन यानी तीसरे मोर्चे ने भी इस समझौते का विरोध किया है.

करात का कहना था कि 123 समझौते में कई ऐसी बातें हैं जो 2006 में संसद में प्रधानमंत्री के बयान से मेल नहीं खाती हैं.