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मंगलवार, 07 अगस्त, 2007 को 12:29 GMT तक के समाचार

नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर

'जयपुर फ़ुट' ने पकड़ी पाकिस्तान की राह

दुनियाभर में लड़खड़ाती ज़िंदगियों को संभाल चुका 'जयपुर फ़ुट' अब पाकिस्तान पहुँच रहा है. इस्लामाबाद और कराची में विकलांगों को 'जयपुर फ़ुट' दिया जाएगा.

जयपुर की भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति का एक दल बुधवार को इस्लामाबाद रवाना होगा. 16 सदस्यीय इस दल में दो महिलाएँ भी हैं.

'जयपुर फ़ुट' बनाने में पारंगत कारीगर इस्लामाबाद और कराची में लगने वाले शिविरों में पैरों से लाचार 700 लोगों को खड़ा करेंगे.

समिति के महासचिव एसआर मेहता कहते हैं, "मुद्दत से हमारी हसरत पाकिस्तान में विकलांगता का अभिशाप झेल रहे लोगों को 'जयपुर फ़ुट' पर खड़ा करने की थी. अब मौका मिला है."

शिविर

समिति पहला शिविर 11 अगस्त को इस्लामाबाद में लगाएगी. वहाँ मौके पर ही लगभग 350 'जयपुर फ़ुट' लगाए जाएँगे.

इसके बाद पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में शिविर लगाया जाएगा.

समिति के सदस्यों का यह पहला पाकिस्तान दौरा है.

कश्मीर में आए भूकंप के बाद समिति के सदस्य वहाँ जाना चाहते थे, लेकिन सरकार से हरी झंडी नहीं मिली.

एसआर मेहता कहता हैं, "यह अवाम से अवाम के बीच सौहार्द का परिणाम है. इसमें सरकार बीच में कहीं नहीं है. मौका मिला तो हम पाकिस्तान के और दूसरे शहरों में भी जाना चाहेंगे."

उत्साह

इस दल के साथ जा रही पूजा भी बहुत खुश है. कहती हैं, "हम रिश्तों की मधुरता का संदेश लेकर सरहद पार जा रहे हैं."

समिति के प्रचार सचिव एमए राकेश कई बार पाकिस्तान गए हैं, लेकिन इस बार की बात ही अलग है.

वो कहते हैं, "पड़ोसी होने के नाते बहुत पहले जयपुर फ़ुट पाकिस्तान ले जाने की इच्छा थी, लेकिन मौका अब मिला है."

समिति के सदस्य मशहूर कवि उमर ख़य्याम की कविताओं के कई भाषाओं में हुई अनुवादित पुस्तकें भी अपने साथ ले जा रहे हैं.

समिति इससे पूर्व अफ़ग़ानिस्तान में लगभग एक हज़ार लोगों को 'जयपुर फ़ुट' पर खड़ा कर चुकी है.

'जयपुर फ़ुट' लगाने में सिद्धहस्त ओपप्रकाश अफ़ग़ानिस्तान जा चुके हैं, लेकिन वे कहते हैं, "पड़ोसी देश पाकिस्तान में विकलांगों की मदद करने का जज़्बा ही अलग है."