मंगलवार, 07 अगस्त, 2007 को 05:44 GMT तक के समाचार
भारतीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मंगलवार को असम और बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का दौरा किया है.
सोनिया गांधी ने उत्तरी बिहार में कई बाढ़ प्रभावितों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल पूछा.
गृह मंत्री और सोनिया गांधी के साथ बिहार के मुख्यमंत्री नितिश कुमार, रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव और रसायन मंत्री राम विलास पासवान भी थे.
बाढ़ प्रभावित लोग, ख़ासकर महिलाएँ लंबी कतारों में पहले से ही इन लोगों के इंतज़ार में खड़े थे और मुलाकात के दौरान बाढ़ प्रभावितों ने अपनी-अपनी समस्याएँ बताईं.
सोनिया गांधी ने बाढ़ प्रभावितों को आश्वासन दिया कि उनकी हर संभव मदद की जाएगी.
बाद में वे बिहार की राजधानी पटना रवाना हो गई जहाँ बाढ़ की स्थिति पर सभी दलों की बैठक है.
इससे पहले सोनिया गांधी और शिवराज पाटिल ने असम का भी दौरा किया.
गृह मंत्री के साथ केंद्र सरकार का उच्च स्तीरय दल भी था. शिवराज पाटिल और सोनिया गांधी ने असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई से मुलाक़ात भी की.
असम सरकार ने बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्य पर केंद्र सरकार को एक रिपोर्ट भी सौंपी है.
राहत कार्य
इस बीच भारत सहित दक्षिण एशिया के कई देशों में बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत पहुँचाने के प्रयास हो रहे हैं. लेकिन राहत कर्मियों का कहना है कि प्रभावित लोगों तक पर्याप्त सहायता नहीं पहुँच रही है.
पिछले दो सप्ताह से भारत, बांग्लादेश और नेपाल में बाढ़ के कारण लोग बड़ी संख्या में प्रभावित हुए हैं.
बिहार में बाढ़ से 19 ज़िलों के एक करोड़ 25 लाख लोग प्रभावित हुए हैं जबकि नेपाल, बांग्लादेश और उत्तरी भारत को मिलाकार करीब दो करोड़ लोगों पर बाढ़ का असर हुआ है.
सहायता एजेंसी एक्शन एड के डॉक्टर उन्नीकृष्णन ने बीबीसी को बताया कि दूरदराज के ग़रीब लोगों तक सहायता सामग्री नहीं पहुँच रही है.
उनका कहना था कि खाद्य सामग्री, पीने का पानी और राहत शिविरों की और ज़रूरत है.
संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि बिहार में डायरिया से बचने के लिए वहाँ 10 लाख ओआरएस पैकेट की ज़रूरत है.
पटना से बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर का कहना है कि बाढ़ से 19 ज़िलों में एक करोड़ 25 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.
सरकारी आंकड़ों के अनुसार मरनेवालों की संख्या 90 है जबकि ग़ैरसरकारी सूत्रों का कहना है कि बाढ़ से मरनेवालों की संख्या 200 तक हो सकती है.
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