सोमवार, 06 अगस्त, 2007 को 06:08 GMT तक के समाचार
ज़ुबैर अहमद
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
दक्षिण भारतीय शहर चेन्नई से मुंबई के बीच ऑटो-रिक्शा रैली शुरू हुई है. ख़ास बात ये है कि रैली में हिस्सा ले रहे 72 प्रतियोगियों में भारत का प्रतिनिधित्व ग़ायब है.
रैली का आयोजन हर साल करने की योजना है.
इसका लक्ष्य चेन्नई से मुंबई तक के 1900 किलोमीटर लंबे सफ़र के दौरान भारत की समृद्ध विरासत और बहुसंस्कृतिक समाज की तरफ़ दुनिया का ध्यान दिलाना है.
आयोजकों का कहना है कि रैली रोमांच से भरपूर होगी और चालकों के दमखम, ताक़त और धैर्य की परीक्षा होगी.
आयोजकों का कहना है कि रैली के 17 अगस्त से पहले मुंबई पहुँचने की संभावना नहीं है.
रैली में हिस्सा ले रहे दुनियाभर के प्रतियोगी ऑटोरिक्शा के ज़रिए भारत की सभ्यता और संस्कृति की झलक पाने को आतुर हैं.
रैली सड़कों, कच्चे रास्तों और पहाड़ियों के बीच में से गुजरते हुए मुंबई पहुँचेगी.
आयोजक अरविंद कुमार का कहना है कि पिछले साल चेन्नई से कन्याकुमारी के बीच रैली के सफल आयोजन के बाद उन्होंने चेन्नई-मुंबई रैली आयोजित करने का फ़ैसला किया है.
हर प्रतिस्पर्धी को रैली के दौरान अंक मिलेंगे और सबसे अधिक अंक हासिल करने वाले को विजेता घोषित किया जाएगा.