रविवार, 05 अगस्त, 2007 को 21:46 GMT तक के समाचार
अफ़ग़ानिस्तान में चिकित्सा दल के सदस्य बीमार पड़े अपहृत दक्षिण कोरियाई लोगों तक दवा पहुँचाने में सफल रहे हैं. इन्हें तालेबान ने बंधक बनाया है.
एक निजी अफ़ग़ान क्लिनिक के प्रमुख मोहम्मद हाशिम वहाज ने कहा कि तालेबान लड़ाकों के बताए गए स्थान पर एंटीबायटिक, विटामिन और दर्द निवारक गोलियाँ रख दी गई.
उनके मुताबिक तालेबान का कहना है कि दो बंधकों की तबीयत बेहद ख़राब है और वह इन्हें गिरफ़्तार किए गए दो तालेबान लड़ाकों की रिहाई के बदले छोड़ने को तैयार है.
तालेबान लड़ाकों ने दक्षिण कोरिया के 23 नागरिकों को ग़ज़नी प्रांत से उस समय अगवा कर लिया था जब वो कंधार से काबुल जा रहे थे. इनमें से दो बंधकों की हत्या की जा चुकी है.
इस बीच तालेबान बंधकों की रिहाई के लिए गए दक्षिण कोरियाई दल से बात करने पर राजी हो गया है लेकिन ये वार्ता कहाँ होगी इस पर कोई सहमति नहीं बनी है.
शव
पुलिस के अनुसार दूसरे बंधक का गोलियों से छलनी शव ग़ज़नी प्रांत में पाया गया. उनकी पहचान 29-वर्षीय शिम सुंग मिन के रूप में हुई है.
इससे पहले बुधवार को ईसाई राहतकर्मियों के नेता 42 वर्षीय पादरी बे ह्यूग-कू शव मिला था. उन्हें भी गोली मारी गई थी. उनके शव को दक्षिण कोरिया भेज दिया गया है.
बंधकों में 18 महिलाएं शामिल हैं. पिछले सोमवार को बंधकों का एक वीडियो अरबी टेलीविज़न चैनल अल-ज़जीरा में प्रसारित किया गया था. वीडियो में बंधकों के साथ हथियारबंद तालेबान चरमपंथी भी नज़र आ रहे थे.
वहां मौज़ूद एसोसिएटेड प्रेस के एक संवाददाता के मुताबिक़ सभी बंधक 20 से तीस साल आयु वर्ग के हैं. पुरूष बंधकों ने सफ़ेद रंग की पतलून पहन रखी थीं और सात महिला बंधकों ने सिर पर स्कार्फ़ ओढ़ रखा था.