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गुरुवार, 02 अगस्त, 2007 को 07:40 GMT तक के समाचार

बिहार में बाढ़ से लोग बेहाल

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र और उत्तरी इलाक़ों में बारिश से बिहार में बाढ़ की स्थिति और भयावह हो गई है. ग़ैरसरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के 16 ज़िलों में 80 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं और 100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.

राज्य में जुलाई महीने में हुई बारिश ने पिछले 30 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है और गंगा, कमला, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती समेत लगभग सारी नदियों का जलस्तर ख़तरे के निशान से ऊपर पहुँच चुका है.

उधर पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी राप्ती, घाघरा, रोहिन नदियों के जलस्तर में वृद्धि से गोरखपुर और बस्ती मंडल में बाढ़ की स्थिति गंभीर होती जा रही है.

महराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीर नगर ज़िले इससे प्रभावित हुए हैं. उत्तर प्रदेश की राज्य सरकार के अनुसार बाढ़ से 2.35 लाख लोग प्रभावति हुए हैं.

दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी से संपर्क कटा

पटना में बीबीसी संवाददाता मणिकांत ठाकुर के अनुसार बिहार में बाढ़ से दरभंगा, मधुबनी, पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, शिवहर, सुपौल, सहरसा, बेगूसराय, मुज़फ़्फ़रपुर, सहरसा, भागलपुर, पूर्णिया, सुपौल, मधेपुरा, खगड़िया और नालंदा के अनेक गाँव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं.

इनमें से दरभंगा, मधुबनी और सीतामढ़ी का संपर्क देश के दूसरे हिस्सों से कट हुआ है. इन तीनों ज़िलों में सड़क और रेल यातायात पूरी तरह से ठप्प है.

बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी ने बुधवार को बताया, ''राज्य के 110 प्रखंडों में तक़रीबन 69 लाख लोग बाढ़ की वजह से प्रभावित हुए हैं.'' हालांकि ग़ैरसरकरी तौर पर बताया जा रहा है कि 80 लाख लोग इससे प्रभावित हुए हैं.

सुशील मोदी ने कहा, ''प्रभावित लोगों के लिए 121 राहत शिविर चलाए जा रहे हैं और 47 चिकित्सा दलों को भी 24 घंटे की ड्यूटी पर लगाया गया है. मवेशियों के लिए भी 24 शिविर लगाए गए है.''

बुधवार को समस्तीपुर के शिवाजीनगर और सिंघिया प्रखंड से होकर गुजरने वाली करेह नदी का दायां तटबंध दो स्थानों पर टूट गया. इससे कई प्रखंडों में त्राहिमाम मच गया है.

सारण में गंडक नदी का बांध भगवानपुर के पास टूट गया है जिससे कई क्षेत्रों में पानी घुस गया है. जबकि डाबरा नदी का बांध चकहन के पास टूट गया है.

दरभंगा में बाढ़ की स्थिति और बिगड़ गई है. ज़िले का कुशेश्वर स्थान पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है.

सीतामढ़ी में बागमती के तांडव से बुधवार को भी सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर मार्ग पर आवागमन ठप्प रहा.

इस बीच, राज्य के जल संसाधम मंत्री रामाश्रय प्रसाद ने कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में मधुबनी और समस्तीपुर के कार्यकारी अभियंता को निलंबति कर दिया है.

उन्होंने समस्तीपुर के मुख्य अभियंता और कटिहार के कार्यकारी अभियंता को भी बाढ़ से निपटने के लिए पर्याप्त क़दम न उठाने पर हटा दिया है.

'बाढ़ पर राजनीति'

राज्यपाल आरएस गवई ने बुधवार की रात सर्वदलीय बैठक में बाढ़ की स्थिति की समीक्षा की. इसमें विपक्ष ने सरकार पर राहत सामग्री के वितरण में लापरवाही का आरोप लगाया.

राज्यपाल ने सभी दलों से मतभेद भुलाकर राहत कार्य में सहयोग करने के लिए कहा है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार रात मॉरीशस से पटना पहुँचेंगे और शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को हवाई जहाज से सर्वेक्षण करेंगे.

इससे पहले रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को हवाई दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर 'आपराधिक लापरवाही' बरतने का आरोप लगाया है.

उन्होंने कहा कि आश्चर्यजनक तो यह है कि राज्य सरकार ने अब तक केंद्र से मदद भी नहीं माँगी है.

इसके जवाब में सत्ता पक्ष ने लालू पर बाढ़ को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है. सुशील मोदी ने कहा कि लालू और राबड़ी देवी के 15 साल के शासनकाल में इस स्थिति से निपटने के लिए कोई क़दम नहीं उठाया गया.

पूर्वी उत्तर प्रदेश भी प्रभावित

राप्ती नदी का जलस्तर बढ़ने से गोरखपुर के आसपास के निचले इलाक़े पानी में डूब गए हैं.

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक राप्ती के बांध में कई जगह रिसाव शुरू हो गया है. इसकी वजह से कई क्षेत्रों में पानी फैल गया है.

प्रदेश सरकार के बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और लोकनिर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई दौरा करने के बाद कहा, ''सरकार बाढ़ की विभीषिका से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है.''

उन्होंने संवाददाताओं को बताया, ''बाढ़ से 2.35 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और अधिकारियों को प्रभावितों को तुरंत मदद पहुँचाने के लिए कहा गया है.''

गोरखपुर में 4 अगस्त तक के लिए स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं.