बुधवार, 01 अगस्त, 2007 को 21:32 GMT तक के समाचार
शालिनी जोशी
देहरादून से
उत्तराखंड के गढ़वाल मंडल में पिछले 36 घंटों में मूसलाधार बारिश और बेहद ख़राब मौसम की वजह से जगह जगह भूस्खलन हुआ है.
चमोली ज़िले में लामबगड़ के पास अलकनंदा नदी में पहाड़ टूट कर गिरने से नदी की धारा अवरुद्ध हो गई थी जिससे वहाँ मंगलवार से एक विशाल झील बनी हुई थी.
बुधवार की शाम यह झील टूट गई और अलकनंदा का पानी तेज़ी से इस इलाक़े में फैल रहा है.
राज्य के गृह सचिव एन एस निपृचियाल ने बताया कि प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर दिया है और आसपास के गाँवों को खाली कराया जा रहा है.
साथ ही सरकारी मशीनरी तैनात कर दी गई है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है.
बद्रीनाथ के पास भारत चीन सीमा पर स्थित अंतिम गाँव माणा के क़रीब भारत तिब्बत सीमा पुलिस का एक झूला पुल बह गया है जो इन दुश्कर परिस्थितियों में राहत और बचाव के काम आता था.
राजमार्ग बंद
इसी तरह दिल्ली-बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऋषिकेश के ऊपर पर्वतीय इलाक़ों पर जगह जगह भूस्खलन हुआ है और लगातार मलबा गिर रहा है जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया है.
इसके कारण एक तरह से पूरे इलाक़े का सड़क संपर्क कट गया है.
इस समय हज़ारों की संख्या में लोग उत्तराखंड में चार धाम यात्रा पर आते हैं और आशंका जाहिर की जा रही है कि सैकड़ों तीर्थयात्री जगह जगह फंसे हुए हैं.
उधर राजधानी देहरादून और हरिद्वार में रिकॉर्ड बारिश दर्ज की गई है और बरसाती नदियाँ उफान पर हैं.
देहरादून में चार बच्चों के बह जाने और सैकड़ों लोगों के बेघर होने के समाचार हैं
उल्लेखनीय है कि इन दिनों हरिद्वार में कांवड़ मेला चल रहा है जिसमें लाखों लोग आते हैं.
उत्तराखंड के मौसम विभाग के निदेशक डॉक्टर आनंद शर्मा ने बताया कि अगले तीन दिनों तक राज्य में भारी वर्षा होने का अनुमान है और कुछ दिनों तक मौसम की यही स्थिति बनी रहेगी.