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मंगलवार, 31 जुलाई, 2007 को 08:31 GMT तक के समाचार

संजय दत्त को छह साल की क़ैद

मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने वर्ष 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में 'आर्म्स एक्ट' के तहत फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को छह साल की सज़ा सुनाई है.

संजय दत्त पर 25 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है.

अदालत ने संजय दत्त को 'आर्म्स एक्ट' के तहत ग़ैरक़ानूनी ढंग से हथियार रखने का दोषी पाया था. अदालत उन्हें बम धमाकों की साज़िश रचने के इल्ज़ाम से पहले ही बरी कर चुकी है.

हिरासत में लिए गए

जज पीडी कोडे की अदालत ने संजय दत्त की ज़मानत अर्जी भी नामंजूर कर दी. इसके बाद संजय दत्त को हिरासत में ले लिया गया. उन्हें ऑर्थर रोड जेल भेजा जाएगा.

बीबीसी संवाददाता के अनुसार जब संजय दत्त को सज़ा सुनाई गई तो उन्होंने कहा, "मुझ से ग़लती हो गई थी".

जज पीडी कोडे ने कहा, "सबसे ग़लतियाँ होती हैं. लेकिन इसे किसी भी तरह छोटी-मोटी ग़लती नहीं माना जा सकता है".

उनका कहना था कि संजय दत्त के ख़िलाफ़ ठोस सुबूत हैं और वह किसी रियायत के हक़दार नहीं हैं.

संजय दत्त के अच्छे चाल-चलन के भरोसे उन्हें अदालत से राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही थी लेकिन अदालत ने उनकी माफ़ीनामा रिपोर्ट माँगी ही नहीं.

इसके अलावा संजय दत्त की सफ़ाई में पेश की गई दलीलों को भी अदालत ने ख़ारिज़ कर दिया गया.

सरकारी वकील उज्जवल निकम ने संवाददाताओं को बताया कि संजय दत्त ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए ज़मानत बढ़ाने का आग्रह किया है.

इसके अलावा उन्होंने अमरीका में रह रही अपनी बेटी त्रिशाला के साथ बातचीत की भी अनुमति माँगी है.

अभियोजन पक्ष ने ज़मानत बढ़ाने की संजय दत्त की अपील का यह कहते हुए विरोध किया कि तीन साल से अधिक की सज़ा के मामले में ज़मानत बढ़ाने का अधिकार टाडा अदालत को नहीं है.

‘प्रोबेशन ऑफ़ेंडर्स एक्ट’ के तहत माफ़ी न मिलने के अदालत के फ़ैसले पर निकम ने कहा, "इस नियम के तहत अपराधी की उम्र को ध्यान में रखा जाता है. लेकिन संजय दत्त ने जिस वक्त एके-56 रायफ़ल रखने का अपराध किया था, उनकी उम्र 33 साल थी वह नासमझ नहीं थे."

अदालत ने 'आर्म्स एक्ट' में दोषी करार दिए गए यूसुफ़ नलवाला को भी पाँच साल की जेल की सज़ा सुनाई. उन पर 25 हज़ार रूपए का जुर्माना भी किया गया.

‘आर्म्स एक्ट’ के तहत दोषी एक अन्य अभियुक्त केर्सी आजनिया को भी दो साल की सज़ा सुनाई गई है.

जबकि अवैध हथियार रखने के एक और दोषी रूसी मुल्ला को माफ़ी दे दी गई है.

मुल्ला संजय दत्त के पुराने दोस्त हैं और उन्हें संजय की अवैध पिस्तौल रखने का दोषी पाया गया था.

सौ लोग दोषी

अदालत ने संजय दत्त को बम धमाकों की साज़िश रचने के इल्ज़ाम से तो बरी कर दिया था लेकिन उन्हें अवैध तरीके से एक एके-56 राइफ़ल और पिस्तौल रखने का दोषी पाया था.

मुंबई में वर्ष 1993 में 12 बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए थे.

मुंबई धमाकों के संबंध में कुल 100 लोगों को दोषी ठहराया गया. इनमें से 12 को मौत और 20 को उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है.

इससे पूर्व संजय दत्त ने 'प्रोबेशन ऑफ़ ऑफेंडर्स एक्ट' के तहत राहत देने की अर्ज़ी अदालत में दाखिल की थी.

इस क़ानून के तहत अदालत दोषी के गुनाह, चरित्र और परिस्थितियों के आधार पर उसकी सज़ा को आजीवन निलंबित कर सकती है.