मंगलवार, 31 जुलाई, 2007 को 05:01 GMT तक के समाचार
हुसैन अस्करी
बीबीसी उर्दू संवाददाता
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ से कथित बातचीत को हाल के पाकिस्तानी राजनीतिक दलों के समझौते का उल्लंघन और एक साज़िश बताया है.
हालाँकि बीबीसी को दिए एक अलग इंटरव्यू में पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि पिछले हफ़्ते अबूधाबी में उनकी राष्ट्रपति मुशर्रफ़ से मुलाक़ात हुई थी या नहीं.
लेकिन उन्होंने ये ज़रूर कहा है कि 'मुख्य मुद्दों' पर मतभेद होने के कारण सत्ता की साझेदारी पर सरकार के साथ बातचीत अटक गई है.
भुट्टो का कहना था कि उनकी पार्टी चाहती है कि सरकार के साथ कोई भी समझौता आम चुनाव से पहले लागू हो जाए न कि बाद में.
महत्वपूर्ण है कि हाल में पाकिस्तान के मुख्य विपक्षी दलों के नेताओं ने लंदन में मिलकर 'ऑल पार्टीज़ डेमोक्रेटिक मूवमेंट' नाम से एक गठबंधन बनाने का फ़ैसला किया था.
'समझौते का उल्लंघन'
बीबीसी उर्दू के साथ बातचीत में पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने बेनज़ीर भुट्टो की कड़ी आलोचना की है.
उनका कहना था, "इन महिला (बेनज़ीर भुट्टो) ने तो राजनीतिक दलों के समझौते का उल्लंघन किया ही है. उसमें स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ है कि मुशर्रफ़ से कोई चर्चा नहीं होगी...डिक्टेटर से कोई बातचीत नहीं होगी...तो इसके बावजूद बातचीत क्यों हुई है?"
एक सवाल के जवाब में नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "इसे तो साज़िश कहते हैं. एक 'बैकडोर चैनल' के ज़रिए गठजोड़ हो रहा है. ये पहला मौक़ा है कि 60 साल में पूरी क़ौम एक मुद्दे पर इकट्ठी हुई है जो है कि फ़ौज छावनियों में वापस जाए और जनता की हुकूमत का अधिकार बहाल हो."
जब उनसे कहा गया कि कुछ लोगों का मानना है कि पाकिस्तान में फ़ौज इतनी मज़बूत है कि उसे एक ही कोशिश से सत्ता से बाहर नहीं किया जा सकता और धीरे-धीरे फ़ौज के असर को कम किया जाए, तो उन्होंने इसे पूरी तरह से नकार दिया.
नवाज़ शरीफ़ का कहना था, "मैं ऐसा नहीं मानता क्योंकि ये पाकिस्तान के लिए बहुत ही ख़तरनाक होगा कि समझौता कर लिया जाए. फ़ौज का काम ही नहीं है कि वह सिसायत करे."
पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ का दावा था कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने कई बार उनसे बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इन कोशिशों को कोई प्रोत्साहन नहीं दिया."
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे बेनज़ीर भुट्टो से आगे बातचीत नहीं करेंगे तो उनका कहना था कि ऐसा नहीं है और वे तो केवल मौजूदा स्थिति की बात कर रहे हैं.