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सोमवार, 30 जुलाई, 2007 को 20:39 GMT तक के समाचार

फ़ैसले का दिन:संजय को हो सकती है सज़ा

मुंबई में वर्ष 1993 में हुए धमाकों के मामले में 'आर्म्स एक्ट' के तहत दोषी पाए गए फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को मंगलवार को मुंबई की विशेष टाडा अदालत सज़ा सुना सकती है.

अदालत ने संजय दत्त को बम धमाकों की साज़िश रचने के इल्ज़ाम से तो बरी कर दिया था लेकिन उन्हें अवैध तरीके से एक एके-56 राइफ़ल और पिस्तौल रखने का दोषी गया था.

मुंबई में वर्ष 1993 में 12 बम धमाके हुए थे, जिनमें 257 लोग मारे गए थे और 700 से ज़्यादा लोग घायल भी हुए थे.

चार को सज़ा सुनानी बाक़ी

मुंबई धमाकों के संबंध में दोषी ठहराए गए लोगों में से 96 को सज़ा सुनाई जा चुकी है.

इनमें से 12 को मौत और 20 को उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है.

अब संजय दत्त समेत सिर्फ़ चार लोगों को सज़ा सुनाया जाना बाक़ी है. ये सभी 'आर्म्स एक्ट' के तहत दोषी पाए गए थे.

पिछले वर्ष 28 नवंबर को टाडा अदालत ने उन्हें अवैध तरीके से हथियार रखने का दोषी पाया था.

इस मामले में कम से कम तीन और ज़्यादा से ज़्यादा 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है.

संजय दत्त 'प्रोबेशन ऑफ़ ऑफेंडर्स एक्ट' के तहत राहत देने की अर्ज़ी अदालत में दे चुके हैं.

इस क़ानून के तहत अदालत दोषी के गुनाह, चरित्र और परिस्थितियों के आधार पर उसकी सज़ा को आजीवन निलंबित कर सकती है.