सोमवार, 30 जुलाई, 2007 को 22:08 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो ने कहा है कि 'मुख्य मुद्दों' पर मतभेद होने के कारण सत्ता की साझीदारी पर सरकार के साथ बातचीत अटक गई है.
उन्होंने बीबीसी को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि कोई भी समझौता आम चुनाव से पहले लागू हो जाए न कि बाद में.
बेनज़ीर भुट्टो ने इस बात की पुष्टि करने से इनकार कर दिया कि पिछले हफ़्ते अबूधाबी में राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ से उनकी कोई मुलाक़ात हुई थी या नहीं.
उन्होंने कहा कि 'लोकतंत्र की ओर स्थानांतरण' के लिए पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है.
भुट्टो ने कहा कि वो ऐसे माहौल के इंतज़ार में हैं जिसमें वह पाकिस्तान लौट सकें.
चुनाव
पीपीपी नेता ने स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का आह्वान किया जिसमें सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिले.
इसके अलावा उन्होंने संसद और राष्ट्रपति के बीच शक्ति संतुलन कायम करने पर भी बल दिया.
उन्होंने कहा कि वो राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों से पहले किसी समझौते पर पहुँचना चाहती हैं.
यह पूछे जाने पर कि क्या जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ वर्दी उतारने के लिए तैयार हैं तो भुट्टो ने जनरल के पिछले बयानों की याद दिलाई जिनमें संविधान का पालन करने और इस साल के अंत तक राष्ट्रपति पद छोड़ने की बात कही गई है.
इससे पहले बेनज़ीर भुट्टो कई बार कह चुकी हैं कि सेना के मौजूदा जनरल के राष्ट्रपति रहने पर उन्हे आपत्ति है क्योंकि इससे नागरिक और सैनिक शासन के बीच का अंतर धुँधला हो जाता है.
कराची स्थिति बीबीसी संवाददाता इलियास ख़ान कहते हैं कि बेनज़ीर भुट्टो के साथ कोई समझौता करने के लिए सभी वरिष्ठ सैनिक अधिकारियों का समर्थन जनरल मुशर्रफ़ को है या नहीं कहना मुश्किल है.
वर्ष 1999 में नवाज़ शरीफ़ सरकार के तख़्ता पलट के बाद वह ख़ुद देश से बाहर निकल गईं थीं और अभी तक निर्वासित जीवन जी रही हैं जबकि शरीफ़ को निर्वासित कर दिया गया था.
अब इस बात की अटकलें लगाई जा रही हैं कि मुशर्रफ़ दोबारा राष्ट्रपति बनने के लिए पीपीपी से सौदा करेंगे जिसके तहत बेनज़ीर को प्रधानमंत्री का चुनाव लड़ने के लिए पाकिस्तान लौटने की अनुमति दी जा सकती है.