शनिवार, 28 जुलाई, 2007 को 03:03 GMT तक के समाचार
इस्लामाबाद में लाल मस्जिद के पास हुए बम धमाके की जाँच शुरू कर दी गई है. इसमें 13 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हुए थे.
पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जावेद इक़बाल चीमा ने कहा कि जाँच सभी पहलुओं पर की जाएगी.
उनका कहना था कि जिस तरह लाल मस्जिद खुलने के बाद हंगामा हुआ उसी के बाद किसी ने यह विस्फोट किया था.
इस घटना के बाद से इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
घटनास्थल का दौरा करके आए बीबीसी संवाददाता का कहना है कि धमाके में कई दूकानें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं.
इस महीने के शुरू में हुई सैनिक कार्रवाई के बाद शुक्रवार को इस मस्जिद को खोला गया था. लेकिन मस्जिद खुलने के बाद जमा लोगों और पुलिस में झड़पें हुईं. लोगों ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगाए.
पुलिस को नाराज़ लोगों पर आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. सरकार ने इस मस्जिद के लिए नए इमाम की ख़ुद नियुक्ति की थी लेकिन लोगों ने नए इमाम को मस्जिद में घुसने नहीं दिया.
इस महीने 11 जुलाई को इस मस्जिद में सैनिक कार्रवाई पूरी हुई थी. कार्रवाई के दौरान 102 लोग मारे गए थे, जिनमें 11 सैनिक भी थे. कार्रवाई के दौरान ही लाल मस्जिद के उप प्रमुख अब्दुल रशीद ग़ाज़ी भी मारे गए थे.
शुक्रवार को लाल मस्जिद जब दोबारा खुली तो मदरसे के सैंकड़ों छात्रों ने उस पर क़ब्ज़ा कर लिया सरकार के नियुक्त किए हुए इमाम को नमाज़ पढ़ाने से रोक दिया.
छात्र राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे. उन्होंने पत्रकारों को भी धक्के दे कर मस्जिद से बाहर निकाल दिया.
वे हिरासत में लिए गए तालेबान समर्थक पूर्व इमाम अब्दुल अज़ीज़ को वापस लाने की मांग कर रहे थे. इस्लामाबाद की यह मस्जिद काफ़ी ख़ूनख़राबा देख चुकी है जिसका 11 जुलाई को समापन हो पाया था.