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शुक्रवार, 27 जुलाई, 2007 को 04:17 GMT तक के समाचार

याकूब को फाँसी, संजय पर फ़ैसला 31 तक

1993 में हुए मुंबई धमाकों के मामले में टाडा अदालत ने याकूब मेमन को फाँसी की सज़ा सुनाई है. संजय दत्त समेत चार दोषियों को अगले हफ़्ते सज़ा सुनाई जाएगी.

सरकारी वकील उज्जवल निकम ने पत्रकारों को बताया कि विशेष टाडा अदालत ने बम धमाकों को अंजाम देने में याकूब मेमन की अहम भूमिका को देखते हुए उन्हें फाँसी की सज़ा सुनाई.

जबकि मेमन परिवार के तीन अन्य सदस्यों ईसा मेमन, यूसुफ़ मेमन और रूबीना मेमन को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई गई है.

बम धमाकों के सिलसिले में ही 'आर्म्स एक्ट' के तहत दोषी पाए गए संजय दत्त और तीन अन्य लोग भी अदालत में पेश हुए.

उज्जवल निकम ने कहा, "संजय दत्त और तीन अन्य दोषियों के बारे में अदालत ने कहा है कि उनके मामले में 31 जुलाई तक फ़ैसला सुनाया जाएगा."

मुंबई धमाकों के सिलसिले में दोषी पाए गए 100 दोषियों में से 96 को टाडा की विशेष अदालत से सज़ा सुनाई जा चुकी है.

इनमें से 12 को मौत और 20 को उम्र क़ैद की सज़ा दी गई है.

अदालत ने सभी दोषियों को कई गुटों में बाँट दिया था जिनमें संजय दत्त और तीन अन्य को 'आर्म्स एक्ट' के तहत दोषी पाया गया था.

मेमन परिवार

टाडा अदालत ने मुंबई धमाकों से जुड़े अपने पहले फ़ैसले में मेमन परिवार के चार सदस्यों को दोषी करार दिया था जबकि इसी परिवार के तीन सदस्यों को बरी कर दिया था.

जिन लोगों को बरी कर दिया गया था वे हैं, सुलेमान मेमन, हनीफ़ा मेमन और राहिला मेमन.

याकूब का बड़ा भाई और धमाकों का मुख्य अभियुक्त टाइगर मेमन फ़रार है जबकि इसी परिवार के एक सदस्य अब्दुल रज्ज़ाक की मौत हो चुकी है.

मेमन परिवार के जिन सदस्यों को सज़ा सुनाई जानी है उन्हें बम धमाकों की साजिश रचने और अपने घर में हथियार रखने का दोषी पाया गया था.