गुरुवार, 26 जुलाई, 2007 को 14:05 GMT तक के समाचार
बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व मंत्री अमीनुल हक़ को 31 साल क़ैद की सज़ा सुनाई है. उन पर इस्लामिक चरमपंथियों की मदद करने का आरोप था, जिन्होंने वर्ष 2005 में कई बम हमले किए थे.
अमीनुल हक़ इस समय देश से बाहर हैं. वे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के सदस्य हैं, जिसका नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया करती हैं.
बांग्लादेश के पश्चिमोत्तर शहर राजशाही में अदालत ने इस मामले में अमीनुल हक़ को दोषी ठहराते हुए 31 साल क़ैद की सज़ा सुनाई.
वर्ष 2005 में हुए कई बम हमलों में 30 लोग मारे गए थे. इन्हीं बम हमलों में दो जज भी मारे गए थे.
मामला
जिस मामले में जमात-उल-मुजाहिदीन के दो सदस्यों को इसी साल मार्च में फाँसी पर लटका दिया गया था. जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश में प्रतिबंधित संगठन है.
अदालत ने अमीनुल हक़ को दोषी ठहराते हुए कहा कि उन्होंने जमात-उल-मुजाहिदीन की सहायता की. ख़ालिदा ज़िया की सरकार में अमीनुल हक़ दूरसंचार मंत्री थे.
अगस्त 2005 में बांग्लादेश के कई शहरों में एक साथ कई हमले हुए थे. उस समय 50 शहरों में एक साथ 300 से ज़्यादा धमाके हुए थे. जमात-उल-मुजाहिदीन ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी भी ली थी.
इस संगठन ने ग़ैर सरकारी संगठनों और अहमदिया संप्रदाय के लोगों को भी निशाना बनाया था. हाल के वर्षों में बांग्लादेश में चरमपंथी हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं.