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मंगलवार, 24 जुलाई, 2007 को 07:44 GMT तक के समाचार

मुसलमानों को आरक्षण का विधेयक पारित

सामाजिक-शैक्षणिक तौर पर पिछड़े 15 मुस्लिम समुदायों को चार प्रतिशत आरक्षण देने का विधेयक आँध्र प्रदेश विधानसभा ने पारित कर दिया है.

इसी महीने की शुरुआत में सरकार ने एक अध्यादेश लाकर पिछड़े मुसलमानों को आरक्षण देने की घोषणा की थी.

आंध्र प्रदेश की कांग्रेस सरकार पिछले तीन वर्षों से पिछड़े मुसलमानों को आरक्षण दिलाने का प्रयास करती रही है.

कांग्रेस पार्टी ने वर्ष 2004 में अपने चुनाव घोषणापत्र में मुसलमानों को आरक्षण दिलाने का वादा किया था.

मंगलवार को राज्य विधानसभा ने मुसलमानों को आरक्षण देने वाले विधेयक को पारित कर दिया.

इस महीने के शुरु में लाए गए अध्यादेश को विधेयक के रुप में पारित करवाना राज्य सरकार के लिए एक क़ानूनी बाध्यता थी.

पिछड़ा वर्ग

जिन 15 समुदायों को आरक्षण देने की घोषणा की गई है, उनका चयन आँध्र प्रदेश के पिछड़ावर्ग आयोग ने किया था.

ये पंद्रह समुदाय उन चार 'ए' 'बी' 'सी' 'डी' समूहों के अतिरक्त होंगे इसलिए इन्हें कैटेगरी 'ई' में रखा गया है.

इस व्यवस्था के तहत आर्थिक रूप से बेहतर हालत वाले परिवार के सदस्यों (जिन्हें क्रीमी लेयर में रखा गया है) को लाभ नहीं मिलेगा.

इसके तहत सरकार ने कहा है कि जिन परिवारों की वार्षिक आमदनी ढाई लाख रुपए से ऊपर है उन्हें इसके तहत आरक्षण नहीं मिलेगा.

सरकार का कहना है कि इस प्रावधान के बाद राज्य की 85 प्रतिशत मुस्लिम आबादी आरक्षण के दायरे के भीतर आ गई है.

राज्य की कुल आठ करोड़ की आबादी में दस प्रतिशत मुसलमान हैं या लगभग अस्सी लाख. सरकार का कहना है कि राज्य के कुल 60 लाख मुसलमानों को आरक्षण का लाभ मिलेगा.