सोमवार, 23 जुलाई, 2007 को 20:06 GMT तक के समाचार
पाकिस्तानी सेना का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान की सीमा से सटे क़बायली इलाक़े में सेना और चरमपंथियों के बीच संघर्ष में कम से कम 35 चरमपंथी मारे गए हैं.
संघर्ष में दो सैनिकों की भी मौत हो गई. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल वहीद अरशद ने बताया कि उत्तरी वज़ीरिस्तान में हुए संघर्ष में 30 चरमपंथी मारे गए.
जबकि पाँच अन्य की मौत उस समय हुई जब सेना की एक चौकी पर चरमपंथियों ने रॉकेट से हमला किया.
बीबीसी के साथ बातचीत में पाकिस्तानी विदेश मंत्री ख़ुर्शीद कसूरी ने उत्तरी वज़ीरिस्तान की स्थिति को काफ़ी जटिल बताया लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर नहीं हुई है.
सेना के मुताबिक़ संघर्ष में दो सैनिक भी मारे गए हैं जबकि सात अन्य घायल हो गए हैं. इस्लामाबाद में लाल मस्जिद पर हुई सैनिक कार्रवाई के बाद उत्तरी वज़ीरिस्तान में सैनिकों पर कई हमले हुए हैं.
इन हमलों में क़रीब 180 लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से ज़्यादातर पुलिसकर्मी और सैनिक हैं.
घटनाक्रम
ताज़ा घटना के बारे में सैनिक अधिकारियों ने बताया कि संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब मीर अली और मीरांशाह इलाक़े में दो सैनिक चौकियों को चरमपंथियों ने निशाना बनाया.
इसके बाद सेना ने भी जवाबी कार्रवाई की. चरमपंथियों पर कार्रवाई के लिए सेना के हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया गया.
लाल मस्जिद पर हुई कार्रवाई के बाद इस इलाक़े में सेना को तो निशाना बनाया ही गया, साथ ही सरकार और क़बायली विद्रोहियों के बीच हुआ समझौता भी टूट गया.
हालाँकि पाकिस्तान सरकार का कहना है कि वह इस इलाक़े से विदेशी चरमपंथियों के ख़ात्मे के लिए समझौते को फिर से लागू करना चाहती है.
बीबीसी संवाददाताओं के मुताबिक़ वज़ीरिस्तान का इलाक़ा लंबे समय से अल क़ायदा और तालेबान चरमपंथियों के लिए शरणस्थली बना हुआ है.
पिछले सप्ताह आई अमरीकी ख़ुफ़िया रिपोर्ट में भी ये कहा गया था कि अल क़ायदा के चरमपंथी एक बार फिर एकजुट हो रहे हैं और इस इलाक़े में उनकी स्थिति और मज़बूत हुई है.