शनिवार, 21 जुलाई, 2007 को 14:56 GMT तक के समाचार
मुंबई की विशेष टाडा अदालत में 1993 के सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त की सज़ा पर फ़ैसला टल गया है.
विशेष टाडा अदालत ने संजय दत्त से कहा है कि वे 27 जुलाई को अदालत में पेश हों. अभी तक दोषी ठहराए गए 100 लोगों में से 87 की सज़ा पर फ़ैसला हो गया है.
अदालत का कहना है कि पहले बम रखने वाले अभियुक्तों के मामले में फ़ैसला सुनाया जाएगा. उसके बाद ही संजय दत्त की बारी आएगी.
जज प्रमोद कोडे ने कहा कि वे पहले बम रखने वाले अभियुक्तों और मेमन परिवार के चार सदस्यों के मामले में फ़ैसला सुनाएँगे.
फ़ैसला
अदालत ने संजय दत्त को बम धमाकों की साज़िश रचने के इल्ज़ाम से तो बरी कर दिया था.
लेकिन उन्हें आर्म्स एक्ट की धारा 3 और 7 के तहत एक एके-56 राइफ़ल और पिस्तौल ग़ैरक़ानूनी रूप से अपने पास रखने का दोषी पाया है.
इस अपराध में संजय दत्त को अधिकतम दस साल की जेल की सज़ा हो सकती है. ग़ौरतलब है कि मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में 257 लोग मारे गए थे.
संजय दत्त 1995 से ही ज़मानत पर हैं. बम धमाकों की आरंभिक जाँच के सिलसिले में वो 18 महीने जेल में काट चुके हैं.