शनिवार, 21 जुलाई, 2007 को 11:55 GMT तक के समाचार
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और वामपंथी मोर्चे की ओर से मैदान में उतरी प्रतिभा पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति चुनी गई हैं.
इससे पहले प्रतिभा पाटिल नवंबर, 2004 से राजस्थान की राज्यपाल थीं लेकिन राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार बनने के बाद उन्होंने ये पद छोड़ दिया था.
वे राजस्थान का राज्यपाल बनने वाली पहली महिला हैं.
महाराष्ट्र की राजनीति से लंबे समय तक जुड़ी रहीं 72 वर्षीया प्रतिभा पाटिल पहली बार 1962 में महाराष्ट्र विधानसभा के लिए चुनी गईं थीं.
उन्होंने अपना पेशेवर जीवन वकील के तौर पर शुरू किया और लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी रहीं हैं.
महाराष्ट्र में सहकारिता आंदोलन को आगे बढ़ाने में भी प्रतिभा पाटिल की बड़ी भूमिका रही है.
लंबा सफ़र
प्रतिभा पाटिल का जन्म महाराष्ट्र के जलगांव ज़िले में हुआ था. उन्होंने जलगांव और मुंबई से अपनी पढ़ाई पूरी की.
कालेज़ के दिनों में टेबल-टेनिस की बेहतरीन खिलाड़ी रहीं.
उनके पति का नाम डॉ देवी सिंह शेखावत है और वे दो बच्चों की माँ हैं.
वो भारतीय राष्ट्रीय सहकारिता यूनियन ( एनसीयूआई) के प्रबंधन परिषद की सदस्या भी रही हैं.
प्रतिभा पाटिल 1985 तक महाराष्ट्र विधानसभा की सदस्य रहीं और उस दौरान मंत्रिमंडल में रहते हुए उन्होंने कई ज़िम्मेदारियों का निर्वहन किया.
वे 1979-80 में विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस विधायक दल की नेता भी रहीं.
महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस की अध्यक्ष रह चुकीं प्रतिभा पाटिल 1985 में राज्यसभा के लिए भी चुनी गईं. वो 1986 से 1988 तक राज्यसभा की उपसभापति भी रहीं.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था और महिलाओं के विकास में विशेष रुचि लेने वाली प्रतिभा पाटिल 1991 में लोकसभा के लिए चुनी गईं.
अपने राजनीतिक करियर में विवादों से दूर रहीं स्वच्छ छवि वाली प्रतिभा पाटिल 90 के दशक के उत्तरार्ध में राजनीतिक तौर पर उतनी सक्रिय नहीं रहीं.
लगभग तीन साल पहले केंद्र सरकार ने उन्हें राजस्थान का राज्यपाल नियुक्त किया था.
प्रतिभा पाटिल ने विभिन्न सार्वजनिक पदों पर रहते हुए कई बार विदेश-यात्राएँ कीं और अलग-अलग वैश्विक मंचों पर देश का प्रतिनिधित्व किया है.