शुक्रवार, 20 जुलाई, 2007 को 06:35 GMT तक के समाचार
भारत के सुप्रीम कोर्ट ने चर्चित हैना फ़ॉस्टर हत्याकांड मामले में अभियुक्त मनिंदर सिंह कोहली का ब्रिटेन प्रत्यर्पण रोकने से इनकार कर दिया है.
इससे पहले निचली अदालत ने मनिंदर पाल सिंह कोहली को ब्रिटेन प्रत्यर्पित करने का सुझाव दिया था जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने सही ठहराया था.
मनिंदर पाल सिंह कोहली पर ब्रिटेन की हैना फ़ॉस्टर के साथ बलात्कार के बाद उसकी हत्या करने का आरोप है.
मार्च, 2003 में ब्रिटेन में ही 17 वर्षीय हैना फ़ॉस्टर के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी.
शुक्रवार को जीपी माथुर की अध्यक्षता वाले पीठ ने कोहली की याचिका पर सुनवाई करते हुए फ़ैसला दिया कि कोहली पर गंभीर आरोप हैं और उन्हें ब्रिटेन प्रत्यर्पित करना चाहिए.
कोहली के वकील राजेश श्रीवास्तव ने ऑस्ट्रेलिया में हिरासत में रखे गए भारतीय डॉक्टर हनीफ़ का उदाहरण देकर कहा था कि वहाँ एशियाई लोगों के साथ इंसाफ़ की उम्मीद नहीं है इसलिए कोहली को ब्रिटेन नहीं भेजा जाना चाहिए.
लेकिन पीठ ने इस तर्क को खारिज कर दिया, इसके बाद कोहली के वकील ने अपनी याचिका वापस ले ली.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को दिए एक फ़ैसले में कोहली का प्रत्यर्पण रोकने से इनकार कर दिया था.
छह जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के सुझाव को सही ठहराते हुए कहा था कि कोहली का प्रत्यर्पण करने का सुझाव सही लगता है.
हालांकि हाईकोर्ट ने निचली अदालत के निर्देश में सुधार करते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया जो सबूत मिले हैं उसके आधार पर कोहली अभियुक्त तो बन सकते हैं पर उन्हें अभी से दोषी कहना पूरी तरह से ग़लत है.
अदालत ने कहा कि कोहली को इस मामले में शुरुआती सबूतों के आधार पर अभियुक्त ही माना जाना चाहिए.
पूर्व फ़ैसला
कोहली के प्रत्यर्पण के लिए हैना के माता-पिता ने मैट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में याचिका दायर की थी.
आठ जून को इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस कामिनी लॉ ने कहा था कि कोहली के प्रत्यर्पण के लिए पर्याप्त सबूत हैं.
इस निर्देश को कोहली की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी जहाँ शुक्रवार को हाईकोर्ट ने भी कोहली के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ़ कर दिया है.
पुलिस ने मनिंदर पाल सिंह कोहली को तीन साल पहले पश्चिम बंगाल की नेपाल से लगी सीमा पर कालिमपोंग के एक होटल से गिरफ़्तार किया था.
तब उन्होंने हैना से जान-पहचान तो स्वीकार कर ली थी लेकिन बलात्कार और हत्या में अपना हाथ होने से इनकार किया था.