शुक्रवार, 20 जुलाई, 2007 को 10:33 GMT तक के समाचार
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती का कहना है कि उन्हें अमिताभ बच्चन की ओर से भेजी गई कोई चिट्ठी नहीं मिली है.
गुरुवार को अमिताभ बच्चन के वकील प्रदीप राय ने बीबीसी को बताया था कि उनके मुवक्किल ने बाराबंकी स्थित विवादास्पद कृषि भूखंड को दौलतपुर ग्रामसभा को दान में दे दिया है और इसकी सूचना देने के लिए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री को एक चिट्ठी लिखी गई है.
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मिलने दिल्ली आईं मायावती ने पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए कहा कि उन्हें किसी चिट्ठी के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
उन्होंने कहा, "जहाँ तक ज़मीन दान करने की बात है, जब वो उस ज़मीन के मालिक ही नहीं हैं तो दान कैसे कर सकते हैं."
19 जुलाई की तारीख़ से अमिताभ बच्चन के हस्ताक्षर वाली चिट्ठी उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री को भेजने की बात उनके वकील ने कही थी, इसी के ग्रामसभा की प्रधान राजकुमारी देवी के हस्ताक्षर वाली एक चिट्ठी भी नत्थी की गई थी जिसमें ग्रामसभा ने अमिताभ बच्चन से भूखंड दान में पाने पर आभार प्रकट किया था.
गुरुवार को ही राज्य के प्रधान सूचना सचिव ने कहा था, "हमें कोई चिट्ठी नहीं मिली है और अगर मिलेगी भी तो हम उसका संज्ञान नहीं ले सकते क्योंकि मामला तो अदालत के विचाराधीन है."
अमिताभ बच्चन पर आरोप है कि उन्होंने ख़ुद को किसान दिखाने के लिए उत्तर प्रदेश के बाराबंकी ज़िले में ज़मीन के कागज़ात में हेरफेर कराया था और उन्हें दौलतपुर में कृषि भूमि का मालिक दिखाया गया था.
इसी के आधार पर अमिताभ बच्चन ने पुणे के पास पवाना डैम के निकट फार्म हाउस बनाने के लिए कृषि भूखंड ख़रीदा था.
अमिताभ बच्चन के वकील का कहना है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और महाराष्ट्र सरकार को पत्र भेजकर सूचित किया है कि अमिताभ बच्चन ने "अपने कृषि भूखंड दान कर दिए हैं."
अमिताभ बच्चन के वकील प्रदीप राय ने बीबीसी हिंदी से एक विशेष बातचीत में बताया कि "बच्चन परिवार के किसी सदस्य के नाम पर कोई खेती की ज़मीन अब नहीं है, देश भर में छह ऐसे भूखंड थे जिन्हें अमिताभ बच्चन ने दान कर दिया है."