शुक्रवार, 20 जुलाई, 2007 को 12:02 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि वह जस्टिस इफ़्तिख़ार चौधरी का निलंबन ख़त्म करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को स्वीकार करेंगे.
राष्ट्रपित के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जनरल मुशर्रफ़ अदालत के फ़ैसले का सम्मान करेंगे और उसे लागू किया जाएगा.
पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने निलंबित मुख्य न्यायाधीश इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी को बहाल करने का फ़ैसला किया है.
इस साल मार्च में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पद के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्हें निलंबित कर दिया था.
पाकिस्तान की सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि वह इस फ़ैसले का सम्मान करेगी. सुप्रीम कोर्ट की 13 सदस्यीय पूर्ण पीठ ने बहुमत से यह फ़ैसला सुनाया.
तीन सदस्य इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ थे लेकिन 10 सदस्य फ़ैसले के पक्ष में थे. अदालत ने इफ़्तिख़ार चौधरी के निलंबन को ग़ैर क़ानूनी कहा.
इस पूर्ण पीठ के अध्यक्ष जज ख़लील-उर-रहमान रेड्डी ने कहा, "इफ़्तिख़ार चौधरी के निलंबन को रद्द करते हुए उन्हें बहाल करने का फ़ैसला किया गया है."
कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में मौजूद वकीलों ने इस फ़ैसले का स्वागत किया और मुशर्रफ़ विरोधी नारे भी लगाए. इफ़्तिख़ार चौधरी के वकील ऐतज़ाज़ अहसान ने कहा कि ये पूरे देश की जीत है.
फ़ैसला
वैसे राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने पहले ही कह दिया था कि वे अदालत के फ़ैसले का सम्मान करेंगे. लेकिन फ़ैसला आने के बाद प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने एक बयान जारी करके कहा कि वे अदालत के फ़ैसले को सम्मानपूर्वक स्वीकार करते हैं.
उन्होंने कहा, "यह जीत या हार के दावे का वक़्त नहीं है. किसी भी स्थिति में संविधान और क़ानून की सर्वोच्चता क़ायम रहनी चाहिए." पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि इस मामले का कोई राजनीतिक अर्थ नहीं निकालना चाहिए.
इस मामले पर पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना था कि कई लोगों ने इफ़्तिख़ार चौधरी के ख़िलाफ़ शिकायत की थी और आरोप लगाया था कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग किया.
लेकिन जानकारों का कहना है कि अन्य जजों के ख़िलाफ़ वित्तीय अनियमितता के आरोप में सरकार ने इसी तेज़ी से कार्रवाई नहीं की, जैसा कि उसने इफ़्तिख़ार चौधरी के मामले में की.
उनका ये भी आरोप था कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ एक स्वतंत्र मानसिकता वाले जज को हटाना चाहते थे ताकि वे संसद से अपना कार्यकाल पाँच साल और बढ़वा लें.
मार्च में इफ़्तिख़ार चौधरी को निलंबित किए जाने के बाद देशभर में कई विरोध प्रदर्शन हुए थे. इफ़्तिख़ार चौधरी ने भी देश के कई इलाक़ों का दौरा किया और कई सभाएँ की.
इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हालाँकि इफ़्तिख़ार चौधरी ने सीधे तौर पर परवेज़ मुशर्रफ़ की आलोचना नहीं की लेकिन उनकी रैलियों में ये भावना तो देखी ही गई.
बीबीसी उर्दू सेवा के प्रमुख मोहम्मद हनीफ़ का कहना है कि पाकिस्तान में इस समय सबसे लोकप्रिय व्यक्ति के रूप में उभरे इफ्तिख़ार चौधरी की इस जीत से मुशर्रफ़ सरकार की मुश्किलें बढ़ेंगी.
इफ्तिख़ार चौधरी के पद पर बहाल किए जाने को परवेज़ मुशर्रफ़ के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है.