गुरुवार, 19 जुलाई, 2007 को 02:02 GMT तक के समाचार
मोनिका चड्ढा
बीबीसी संवाददाता, मुंबई
मुंबई में एक बहुमंज़िली रिहायशी इमारत के गिर जाने से कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई है. अधिकारियों का कहना है कि मलबे के नीचे 20-25 लोगों के जीवित होने की संभावना है.
मुंबई महानगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि इस हादसे में 11 लोग घायल हुए हैं. लेकिन मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि घायलों की संख्या कहीं अधिक है.
घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती किया गया है.
बुधवार की शाम हुए हादसे के बाद रात भर मलबा हटाकर बचाव का काम किया जाता रहा और गुरुवार को भी यह काम जारी था.
वहाँ आसपास का यातायात रोक दिया गया है और अभी भी घटनास्थल पर एंबुलेंस खड़ी हैं. बड़ी संख्या में पुलिस दस्ते भी तैनात किए गए हैं.
मुंबई में मानसून के आने के बाद यह इस तरह का पहला हादसा है. वैसे वहाँ बहुत सी इमारतों की हालत को लेकर चिंता जताई जाती रही है.
इससे पहले भी मुंबई में इमारतों के ढहने की घटनाएँ हो चुकी हैं.
कई परिवार फँसे
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बोरिवली में स्थित 'लक्ष्मी छाया' नाम की सात मंज़िलों की इस इमारत का एक हिस्सा शाम छह बजे के बाद धराशाई हो गया.
कोई 20 साल पुरानी इस इमारत में लोगों के घर थे और निचली मंज़िल में दुकानें थीं.
मुंबई महानगर पालिका के कमिश्नर जयराज पाठक ने बीबीसी को बताया, "कम से कम 20-25 लोग अभी भी मलबे के नीचे फँसे हुए हैं."
उन्होंने कहा, "बचाव कार्य जारी है और हमने आज सौ और मज़दूरों को मलबे की सफ़ाई में लगाया है. अभी भी एक चौथाई मलबा हटाया जाना बाक़ी है."
यह पूछे जाने पर कि इमारत के ढहने के क्या कारण हैं, उन्होंने कहा, "ऐसा पता चला है कि एक ज्वेलरी दुकान वाले ने कुछ निर्माण करते हुए एक कॉलम को हटा दिया जिससे इमारत गिर पड़ी. इसकी पुष्टि के लिए हम जाँच कर रहे हैं."